उदित वाणी जमशेदपुर: जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 20–21 दिसंबर को होटल रमाडा में आयोजित होगा, जहाँ कला और सृजन का एक अनोखा उत्सव देखने को मिलेगा। आयोजन के दूसरे दिन, 21 दिसंबर को कला जगत के लिए विशेष सत्र और कार्यशालाएँ होंगी जिनमें देश के नामचीन कलाकार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। सुबह 9:45 बजे से ‘कैनवास और ब्रश की जादुई क्लास’ से दिन की शुरुआत होगी। यह वर्कशॉप वाराणसी की वरली आर्टिस्ट आकांक्षा सिंह और राँची की सोहराय आर्टिस्ट पुनिता मिश्रा द्वारा संचालित की जाएगी।
प्रतिभागियों को भारत की पारंपरिक जनजातीय कला—वरली और सोहराय—की तकनीकों, सौंदर्य और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने का अवसर मिलेगा। वर्कशॉप में लाइव डेमो, ब्रश तकनीक और रंगों की बारीकियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद “बायोग्राफी ऑफ कैनवास” विषय पर एक विशेष सत्र होगा। इसमें पहली बार जमशेदपुर में विख्यात चित्रकार मनीष पुष्कले, पद्मश्री गोंड कलाकार भज्जू श्याम (भोपाल) और भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी एवं कला प्रेमी ऋतु शर्मा एक ही मंच पर उपस्थित होंगे। यह सत्र कैनवास की दर्शन–परंपरा, रंगों की संवेदना और भारतीय लोक-अभिव्यक्ति के सौंदर्य पर केंद्रित होगा। सत्र का संचालन जयपुर की प्रो. प्रणु शुक्ला करेंगी।
सत्रों के बाद विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र–छात्राओं के लिए प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें युवा कलाकार देश के प्रतिष्ठित पेंटर्स से सीधे संवाद कर सकेंगे। साथ ही शहर के कई कॉलेजों के आर्ट्स एंड कल्चर विभागाध्यक्षों का सम्मान भी किया जाएगा। आयोजन समिति के सदस्य आकाश मोदी ने कहा कि यह आयोजन जमशेदपुर की कला–संस्कृति को राष्ट्रीय मंच से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। यह सत्र कला क्षेत्र के छात्रों, चित्रकारों, इलस्ट्रेटरों और कला–प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
समिति की डॉ. जूही समर्पिता ने बताया कि यह कला–केन्द्रित दिवस शहर की रचनात्मकता को नई दिशा देगा और कला, संवाद तथा जनजातीय विरासत का अनोखा संगम प्रस्तुत करेगा।


