
उदित वाणी, पटमदा: भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पटमदा प्रखंड कार्यालय में सोमवार को तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
15 मई 2026 से शुरू होगा प्रथम चरण
अधिकारियों ने जानकारी दी कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण की शुरुआत 15 मई 2026 से प्रस्तावित है। इस विशाल अभ्यास के लिए फील्ड वर्कर्स को तैयार करना अनिवार्य है, जिसके लिए इस तीन दिवसीय सत्र का आयोजन किया जा रहा है।
नीति निर्धारण में आंकड़ों की महत्ता
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं पर जोर दिया गया:
जनसंख्या और लिंगानुपात
आयु और धर्म संबंधी डेटा
आर्थिक गतिविधियां और आवास
प्रवसन और परिसीमन
अंचलाधिकारी ने बताया कि ये आंकड़े देश के भविष्य के नीति निर्धारण और सरकारी योजनाओं के निर्माण का मुख्य आधार होते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं का खाका इन्हीं आंकड़ों पर निर्भर करता है।
परगणकों और सुपरवाइजरों को सख्त निर्देश
अंचलाधिकारी ने प्रशिक्षण में शामिल सभी परगणकों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि वे इस प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रथम चरण की जनगणना को तय समय सीमा के भीतर पूरी जिम्मेदारी, तत्परता और तल्लीनता के साथ संपन्न करना है। नियमों के भली-भांति अध्ययन और सटीक डेटा संग्रह पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

