
उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड में पहली बार पारा शिक्षकों के लिए आकलन परीक्षा होने वाली है. इसके लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर थी. परीक्षा में सफल होने वाले पारा शिक्षकों के मानदेय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी.
आकलन परीक्षा जैक लेगी. अब आकलन परीक्षा की तिथि आगे इसके लिए झारखंड प्रदेश सामुदायिक सहायक अध्यापक संघ ने मांग मुखर की है. गौरतलब हो कि सर्व शिक्षा अभियान (अब शिक्षा अभियान) के तहत सभी पारा शिक्षक गांवों में आम सभा के माध्यम से चयनित किए गए थे. इनकी कोई परीक्षा नहीं हुई थी.
एक तरह से पारा शिक्षक पहली बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होंगे. हालांकि कई पारा शिक्षक झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल हो चुके हैं.
आकलन परीक्षा में वैसे पारा शिक्षक शामिल होंगे जो शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण नहीं हैं. यह परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद पारा शिक्षकों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी. बता दें कि टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों के मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. गैर टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों के मानेदय में 40 प्रतिशत की ही वृद्धि हुई थी.
आकलन परीक्षा में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षाओं के सहायक अध्यापकों के लिए क्रमश: मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट स्तर के वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे.
इनमें 70 प्रतिशत प्रश्न सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम, 20 प्रतिशत प्रश्न शिक्षण कौशल तथा 10 प्रतिशत प्रश्न तार्किक एवं मानसिक योग्यता से संबंधित होंगे. सहायक शिक्षकों के मानदेय वृद्धि के लिए आकलन परीक्षा को अनिवार्य किया गया है. इसके लिए पिछले दिनों सभी सहायक शिक्षकों की प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई है.
साथ ही साथ आकलन परीक्षा में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया है. इस आवेदन प्रक्रिया में कई शिक्षक छूट गए थे. अब तिथि बढ़ने की स्थिति में उन्हें भी आवेदन भरने का मौका मिल पाएगा.
दरअसल, झारखंड प्रदेश सामुदायिक सहायक अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बिनोद बिहारी महतो, प्रदेश संगठन मंत्री सुशील कुमार पांडे, पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष सुमित तिवारी, बालगोबिंद महतो ने शनिवार को सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से मुलाकात की. इस दौरान सर्वप्रथम उन्होंने शिक्षा मंत्री को नववर्ष की बधाई दी.
इसके बाद आकलन परीक्षा की तिथि 10 फरवरी तक बढ़ाने की बात रखी गई. मंत्री ने आग्रह को मान लिया. अब जो सहायक अध्यापक आकलन फॉर्म नही भर पाए हैं वे अब फॉर्म भर सकेंगे.
साथ ही विसंगति का भी निपटारा किया जा सकेगा. अप्रशिक्षित शिक्षकों को भी इस दौरान एक मौका देने की बात पर विचार किया जाएगा. इस क्रम में ईपीएफ और कल्याण कोष की बातों को भी रखा गया. बैठक में परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी भी मौजूद थीं. आश्वासन दिया गया कि जल्द ही जिन मुद्दों पर सहमति बनी है, उसकी चिट्ठी निकलेगी.
अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों को तीन महीने से नहीं मिला वेतन
पूर्वी सिंहभूम के 18 अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. सिर्फ पूर्वी सिंहभूम ही नहीं, बल्कि पश्चिमी सिंहभूम के भी आठ स्कूलों के शिक्षक वेतन के लिए तीन महीने से तरस रहे हैं. अब शिक्षकों ने सीधे शिक्षा मंत्री से वेतन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है.
शनिवार को झारखंड अल्पसंख्यक माध्यमिक शिक्षक संघ पूर्वी सिंहभूम एवं पश्चिमी सिंहभूम के प्रतिनिधिमंडल ने इस मसले को लेकर सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से उनके रांची स्थित आवास पर जाकर भेंट की.
इस क्रम में मंत्री को नव वर्ष की शुभकामनाएं तो दी ही, साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के 18 अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों एवं पश्चिमी सिंहभूम के 8 अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के पिछले 3 माह से लंबित वेतन के वेतन भुगतान के विषय में एक ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से यथाशीघ्र वेतन भुगतान कराने का आग्रह किया.
इसपर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह विषय पहले से उनके संज्ञान में है और यथाशीघ्र वेतन भुगतान की वैकल्पिक व्यवस्था की कवायद शुरू कर दी गई है. मुलाकात के दौरान ही मंत्री ने अपने सचिव को इस संदर्भ में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.
ज्ञात हो कि पिछले अक्तूबर से आरडीडीई (कोल्हान प्रमंडल चाईबासा) के निलंबित होने के बाद यह पद रिक्त होने के कारण पूरे कोल्हान प्रमंडल में अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के लगभग 450 शिक्षक एवं शिक्षकेतरकर्मियों का वेतन भुगतान बंद है. इस विषय में संघ सतत प्रयास चल रहा है.
प्रतिनिधिमंडल में संघ के अध्यक्ष शशि भूषण दुबे, उपाध्यक्ष पलविंदर सिंह, सचिव नागेश्वर प्रसाद, संयुक्त सचिव श्री शिशु लाल महतो एवं विजय कुमार उपस्थित थे.

