उदित वाणी, आदित्यपुर : आदित्यपुर-कांड्रा-सरायकेला पथ की दयनीय स्थिति के मामले में अब कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है. इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर सरायकेला के अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) के न्यायालय में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई.
मिस केस नंबर-260/2023 के तहत दोनों पक्षों ने रखी दलीलें
अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय, सरायकेला में जन कल्याण मोर्चा बनाम सीनियर मैनेजर जेएआरडीसीएल (JARDCL) मामले में मिस केस नंबर-260/2023 बीएनएस धारा-152 (दप्रसं-133) के अंतर्गत सुनवाई की गई. इस दौरान दोनों ही पक्षों ने अदालत के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं. मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी अभिनव प्रकाश ने 25 अप्रैल को जारी किए गए अपने आदेश में जेएआरडीसीएल के सीनियर मैनेजर एवं पथ निर्माण विभाग (RCD), पथ प्रमंडल, सरायकेला-खरसावां के कार्यपालक अभियंता (EE) को समय-समय पर खुद निरीक्षण कर उक्त पथ की अविलंब मरम्मति कराने का कड़ा निर्देश दिया है.
टोल रोड पर गड्ढों का अंबार और खराब स्ट्रीट लाइटों की खुली पोल
उल्लेखनीय है कि सामाजिक संगठन जन कल्याण मोर्चा ने अक्टूबर-2023 में अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय में परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि आदित्यपुर-कांड्रा-सरायकेला सड़क की स्थिति बेहद जर्जर और दयनीय हो चुकी है. शिकायत के अनुसार:
कोलेबीरा रेल ओवर ब्रिज (ROB): यहाँ पुल के पास मुख्य सड़क पर खतरनाक नुकीली छड़ें बाहर निकली हुई हैं, जिससे कभी भी कोई अप्रिय और बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है.
कोलेबीरा से सीनी रोड: इस पूरे मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिसके कारण आए दिन राहगीर सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं.
गंदगी और अंधेरा: आदित्यपुर-कांड्रा मुख्य पथ पर हर तरफ गंदगी का अंबार लगा रहता है और रोड पर लगीं लगभग 90 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह खराब पड़ी हैं.
विदित हो कि विगत ढाई साल की लंबी कानूनी सुनवाई के बीच इस मार्ग की स्थिति सुधरने के बजाय और भी खराब हो गई है. यह एक चालू टोल रोड (Toll Road) है, जहाँ आम जनता से वाहनों के परिचालन के एवज में पैसे वसूले जाते हैं, फिर भी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं.
जन कल्याण मोर्चा ने प्रधान सचिव और डीसी को लिखा पत्र
इस न्यायिक आदेश के आलोक में जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष ओमप्रकाश द्वारा सरायकेला न्यायालय की प्रति लगाते हुए पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, जिला उपायुक्त (DC) एवं आरसीडी, पथ प्रमंडल, सरायकेला के कार्यपालक अभियंता को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है. इस पत्र के माध्यम से उन्होंने यथाशीघ्र आदित्यपुर-कांड्रा-सरायकेला सड़क की मरम्मत कराने तथा मुख्य पथ पर लगे कचरे व गंदगी के अंबार को अविलंब साफ कराने की पुरजोर माँग की है.
जिला उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
इसी क्रम में मामले का संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त (डीसी) नीतिश कुमार सिंह ने आज आरसीडी के कार्यपालक अभियंता तथा जेएआरडीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर को उक्त पथ का त्वरित संयुक्त निरीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार धरातल पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओमप्रकाश ने उम्मीद जताई है कि अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय और डीसी के निर्देशों के बाद अब आदित्यपुर-कांड्रा-सरायकेला पथ की बेहतर तरीके से मरम्मत हो सकेगी. वर्तमान में सरायकेला जिला सिविल कोर्ट से लेकर चांडिल कोर्ट तक आने-जाने में वकीलों, अधिवक्ताओं और आम जनता को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों से खुद को बचाने के चक्कर में वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं, जिससे सड़क हादसों में लगातार वृद्धि देखी गई है. स्थानीय लोगों का मानना है कि पथ का पुनर्निर्माण होने के बाद निश्चित रूप से इन हादसों पर काबू पाया जा सकेगा.


