
उदित वाणी, कोलकाता : भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में बुधवार को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक पिछले 12 घंटों में 809 अतिरिक्त गिरफ्तारियां की गई हैं.
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने बताया कि रविवार शाम से पिछले 24 घंटों में 1,095 एहतियाती गिरफ्तारियां की गईं, जबकि सुबह से पिछले 36 घंटों में यही आंकड़ा 1,583 रहा.
हालांकि, चुनाव आयोग ने मंगलवार को सोमवार रात से की गई 809 नई गिरफ्तारियों का जिलावार ब्यौरा नहीं दिया, जैसा कि सोमवार को पिछली गिरफ्तारियों (1,583 व्यक्तियों) के मामले में दिया था.
इस बार चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में “संभावित उपद्रवियों” की पहचान करने और उन्हें हिरासत में लेने पर विशेष जोर दिया है ताकि वे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में से किसी में भी मतदान प्रक्रिया को बाधित न कर सकें.
इस बीच, सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ ने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा के खिलाफ दायर याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था.
अजयपाल शर्मा को सोमवार को एक वीडियो में दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर स्थित फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों को धमकी देते हुए देखा गया था. मंगलवार को दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर के पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
मामले की पैरवी कर रहे वकील ने अजय पाल शर्मा को रोकने के लिए अदालत के हस्तक्षेप की अपील करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की. हालांकि, मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण मंगलवार को पूर्ण न्यायालय की सुनवाई नहीं हुई.
हालांकि, न्यायाधीश ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद कहा कि पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होने तक वे राज्य चुनावों के प्रभारी किसी भी व्यक्ति के काम में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.
(आईएएनएस)

