
उदित वाणी, जमशेदपुर : लौहनगरी के मिठाई प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है. शहर की सुप्रसिद्ध पारंपरिक मिष्ठान विरासत को विस्तार देते हुए ‘नाथी महाराज’ का नया आउटलेट 29 अप्रैल से बिष्टुपुर स्थित गजराज मैंशन में शुरू होने जा रहा है. यहाँ सुबह 11 बजे से ग्राहक शुद्ध देसी घी की मिठाइयों का आनंद ले सकेंगे.
1950 से कायम है शुद्धता और विश्वास का नाम
यह प्रतिष्ठान साकची मिष्ठान भंडार और बृजवासी की गौरवशाली विरासत का ही एक हिस्सा है. इस ब्रांड की नींव नाथी लाल गौतम जी द्वारा रखी गई थी, जिन्हें शहरवासी प्यार से ‘नाथी महाराज’ कहते हैं. साल 1950 से ही यह नाम जमशेदपुर में शुद्ध देसी घी से बनी मिठाइयों और अद्वितीय स्वाद का पर्याय बना हुआ है.
बिष्टुपुर के गजराज मैंशन में नई शुरुआत
बिष्टुपुर स्थित गजराज मैंशन (देकाथलॉन के पास, सचदेवा सेल्स वाली गली) में स्थित यह नया आउटलेट ग्राहकों को पुरानी परंपरा और आधुनिक व्यवस्था का संगम देगा. यहाँ की सभी मिठाइयाँ और स्नैक्स पूरी तरह से शुद्धता और गुणवत्ता के मानकों पर तैयार किए जाते हैं, जो वर्षों से नाथी महाराज की पहचान रही है.
देसी घी का पारंपरिक स्वाद और स्नैक्स
इस नई शाखा में ग्राहकों को वही पारंपरिक रेसिपी और अनुभव मिलेगा, जिसने दशकों से शहरवासियों का दिल जीता है. यहाँ की खासियतों में शामिल हैं:
शुद्ध देसी घी की मिठाइयाँ: जो वर्षों पुराने पारंपरिक तरीके से बनाई जाती हैं.
पारंपरिक स्नैक्स: स्वाद और शुद्ध सामग्री का बेजोड़ मेल.
सात्विक अनुभव: गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान.
विरासत और नई पीढ़ी का संगम
अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर घोषित यह नई शुरुआत केवल एक व्यापारिक विस्तार नहीं है, बल्कि नाथी लाल गौतम जी के विजन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक प्रयास है. दशकों पुराने विश्वास और उत्सव की इस परंपरा में अब बिष्टुपुर का नाम भी जुड़ गया है.

