
उदित वाणी, जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की एक बड़ी चूक आज उस समय सामने आई जब द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान कॉमर्स संकाय के विद्यार्थियों को दूसरे विषय का प्रश्नपत्र दे दिया गया. इस घटना के बाद से छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
प्रथम पाली में कॉमर्स के छात्रों के लिए ‘एनवायरनमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट’ विषय की परीक्षा निर्धारित थी. परीक्षार्थी पूरी तैयारी के साथ केंद्र पहुंचे थे, लेकिन परीक्षा हॉल में उन्हें ‘एनवायरमेंटल इकोनॉमिक्स’ का प्रश्नपत्र थमा दिया गया. उल्लेखनीय है कि यह विषय मुख्य रूप से विज्ञान संकाय (साइंस) के छात्रों के पाठ्यक्रम का हिस्सा है. जैसे ही छात्रों की नजर प्रश्नपत्र पर पड़ी, उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत परीक्षा केंद्र के अधिकारियों और संबंधित विभाग से की. छात्रों का तर्क था कि जिस विषय की उन्होंने पढ़ाई ही नहीं की, उसकी परीक्षा वे कैसे दे सकते हैं.
हैरानी की बात यह रही कि छात्रों द्वारा गड़बड़ी की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद परीक्षा विभाग ने अपनी गलती सुधारने के बजाय छात्रों को उसी प्रश्नपत्र को हल करने के लिए मजबूर किया. विभाग के इस अड़ियल रवैये से छात्र असमंजस की स्थिति में रहे. अब सबसे बड़ा सवाल उन छात्रों के भविष्य पर खड़ा हो गया है जिन्होंने पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न होने के कारण उत्तरपुस्तिका में कुछ नहीं लिखा. ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों के फेल होने या कम अंक आने का खतरा मंडरा रहा है.
इस पूरे प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज के छात्र प्रतिनिधि सागर ओझा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की इस गंभीर लापरवाही का खामियाजा निर्दोष छात्र क्यों भुगतें? सागर ओझा ने मांग की है कि आज आयोजित हुई इस त्रुटिपूर्ण परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और कॉमर्स के छात्रों के लिए सही विषय के साथ नई तिथि घोषित कर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए. इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस तरह की बड़ी गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ दोबारा न हो सके.
