
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MGM Hospital) के गायनिक वार्डों में अव्यवस्था का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है. अस्पताल की दूसरी और तीसरी मंजिल पर स्थित महिला वार्डों में पुरुषों का प्रवेश वर्जित होने के बावजूद, पुरुष परिजन लगातार अंदर देखे जा रहे हैं. इससे वहां भर्ती महिला मरीजों को भारी असहजता और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
निरीक्षण और सुरक्षाकर्मियों की फटकार:
मंगलवार दोपहर को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सुरक्षाकर्मी हरकत में आए और वार्डों का सघन निरीक्षण किया. इस दौरान वार्ड के भीतर कई पुरुष परिजन मौजूद मिले, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी फटकार लगाकर बाहर निकाला. सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, अस्पताल अधीक्षक के स्पष्ट निर्देश हैं कि महिला वार्ड में पुरुषों का प्रवेश सीमित रहे, लेकिन परिजनों की लापरवाही व्यवस्था में बाधा डाल रही है.
प्रसूति महिलाओं की पीड़ा और असहजता:
वार्ड में भर्ती एक महिला, जिनका हाल ही में प्रसव हुआ है, ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पुरुषों की निरंतर मौजूदगी के कारण वह अपने नवजात शिशु को स्तनपान (Breastfeeding) तक नहीं करा पा रही हैं. प्राइवेसी न होने के कारण महिलाओं को काफी मानसिक और शारीरिक असहजता झेलनी पड़ रही है.
संक्रमण का खतरा और अतिक्रमण:
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई लोग वार्ड के फर्श पर बैठकर ही भोजन कर रहे थे, जिससे अस्पताल में संक्रमण (Infection) फैलने का खतरा बढ़ गया है. इसके अलावा, कई महिलाएं वार्ड के अंदर चटाई बिछाकर जमीन पर लेटी थीं, जबकि कुछ ने बिना जरूरत बेड पर कब्जा कर रखा था. सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वार्ड से बाहर बने प्रतीक्षालय (Waiting Area) में जाने की सख्त हिदायत दी है.
प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती:
अस्पताल प्रशासन के लिए वार्ड की मर्यादा और साफ-सफाई बनाए रखना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है. सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि वे रोजाना सख्ती बरतते हैं, लेकिन लोगों के सहयोग के बिना स्थिति में सुधार लाना मुश्किल हो रहा है.

