
उदित वाणी, जमशेदपुर : वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की 236वीं जयंती के भव्य और सफल आयोजन के उपरांत रविवार को जमशेदपुर परिसदन (Circuit House) में एक विशेष समीक्षा सह धन्यवाद बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता पोटका विधायक और आयोजन समिति के संरक्षक संजीव सरदार ने की. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज की एकता को नई दिशा देने के लिए हर साल इसी गौरवशाली तरीके से जयंती मनाई जाएगी.
तीन राज्यों के प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव
इस ऐतिहासिक आयोजन में न केवल झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला जिले शामिल हुए, बल्कि असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. असम से जूली भूमिज और रिंकी भूमिज, तथा पश्चिम बंगाल से दीनबंधु सिंह और रामपदो सिंह ने समाज के समन्वय और एकता को मजबूत करने के लिए अपने विचार रखे. समिति ने इन राज्यों से आए अतिथियों को विशेष रूप से सम्मानित किया.

विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे समाज के प्रतिनिधि
बैठक में पोटका, जमशेदपुर, सोनारी, बहरागोड़ा, नीमडीह, पटमदा और बोड़ाम समेत विभिन्न प्रखंडों के वक्ताओं ने भाग लिया. उन्होंने कहा कि इस वर्ष का आयोजन ऐतिहासिक रहा, जिसने भूमिज समाज की पहचान और शक्ति को एक नया मंच प्रदान किया है. आयोजन समिति ने हजारों प्रतिभागियों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया.
एकता और शिक्षा से ही बढ़ेगा समाज: संजीव सरदार
विधायक संजीव सरदार ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा नारायण सिंह जयंती का यह मंच समाज को एकजुट करने का सबसे बड़ा माध्यम बना है. उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे एकता बनाए रखें और विशेष रूप से शिक्षा व जागरूकता पर ध्यान दें. उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में इस आयोजन को और भी बेहतर और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा.
बैठक में मौजूद प्रमुख व्यक्ति
इस अवसर पर राधेश्याम भूमिज, हरीश चंद्र सिंह भूमिज, संजय सरदार, सुधाकर सिंह, नंदलाल भूमिज, लाल सरदार, सुनील सिंह, हरिपद सिंह, बैधनाथ सिंह, भानु सिंह, इंद्रजीत सिंह, भोलानाथ सिंह, रबीन्द्र नाथ सिंह, उमेश सिंह मुंडा, मदन सिंह मुंडा समेत कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे.

