
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन के रेलवे क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के लिए टाटानगर में आधुनिक कचरा निस्तारण प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है. दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के आदेश के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 1 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे.
स्टेशन और रेलवे कॉलोनी से प्रतिदिन करीब ढाई से तीन टन कचरा निकलता है, जिसे अब तक अस्थायी रूप से सेंट्रल स्कूल के पीछे गड्ढों में फेंका जाता था. नए प्लांट के शुरू होने के बाद इस अव्यवस्थित व्यवस्था पर रोक लगेगी और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाएगा. इससे न केवल स्वच्छता स्तर में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी.
जानकारों के अनुसार, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा स्टेशन क्षेत्र में प्रदूषण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर की गई जांच के बाद इस दिशा में कदम तेज हुए हैं. रेलवे ने सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ‘ईएनएमएच’ (पर्यावरण हाउसकीपिंग प्रबंधन) नाम से नया विभाग भी गठित किया है. साथ ही, स्टेशन सफाई का जिम्मा वाणिज्य विभाग से मैकेनिकल विभाग और कॉलोनी की सफाई इंजीनियरिंग विभाग को सौंप दी गई है.
टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास योजना में भी स्वच्छता और पर्यावरण को प्राथमिकता दी गई है. हालांकि, पांच वर्ष पूर्व बनाया गया कचरा प्लांट एजेंसी की लापरवाही के कारण बंद हो गया था, जहां अब पार्किंग बनाई जा रही है.
नए आदेश के तहत आदित्यपुर और टाटानगर रेलवे कॉलोनियों की सफाई के लिए नई एजेंसी नियुक्त की जाएगी, जो कचरे के संग्रहण के साथ उसके निस्तारण की भी जिम्मेदारी संभालेगी. लंबे समय से गंदगी की समस्या झेल रहे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को अब बेहतर और स्वच्छ माहौल मिलने की उम्मीद है.

