
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी की विधायक और भाजपा नेत्री पूर्णिमा साहू ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर इंडी गठबंधन और कांग्रेस देश की महिलाओं के बीच भ्रम फैला रहे हैं. भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को समान अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर आया था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर अपना महिला-विरोधी चरित्र उजागर कर दिया है.
प्रधानमंत्री का संकल्प: अधिकार उपकार नहीं, महिलाओं का हक
पूर्णिमा साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य को दोहराते हुए कहा कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न तो विधानसभा और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिए.
परिसीमन और जनगणना पर स्थिति स्पष्ट
विधायक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से कहा कि परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, जिससे किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2023 में जब यह अधिनियम सदन में आया था, तब चुनाव के डर से कांग्रेस ने समर्थन दिया था, लेकिन अब लागू होने के समय वे इसे लेकर गुमराह कर रहे हैं.
28 अप्रैल को रांची में महिलाओं का विशाल मशाल जुलूस
इंडी गठबंधन की मानसिकता के विरोध और अधिनियम के समर्थन में 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा. पूर्णिमा साहू ने कहा कि आज की महिलाएं सशक्त हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने को तैयार हैं.
उपस्थिति
इस प्रेस वार्ता के दौरान आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ और बबीता झा भी मुख्य रूप से उपस्थित थीं.

