
उदित वाणी, जमशेदपुर : सिख धर्म की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत रखने और संगत को गुरु भक्ति से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची द्वारा 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को भव्य “आसा की वार कीर्तन दरबार” का आयोजन किया जा रहा है. यह पावन समागम साकची गुरुद्वारा साहिब में अमृतवेला के समय आयोजित होगा.
अमृतवेला में आत्मिक ऊर्जा का संचार
समागम का समय सुबह 4:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित किया गया है. इस कीर्तन दरबार में सुप्रसिद्ध कीर्तनी जत्था ‘अमृतवेला परिवार’ अपनी मधुर और अमृतमयी गुरबाणी कीर्तन से उपस्थित संगत को निहाल करेगा. प्रभात बेला में होने वाले इस आयोजन का मुख्य केंद्र नाम सिमरन और आत्मिक शांति होगा.
प्रधान निशान सिंह ने किया संगत से आह्वान
साकची गुरुद्वारा कमिटी के प्रधान निशान सिंह ने आयोजन की जानकारी देते हुए कहा कि ‘आसा की वार’ आत्मा को जागृत करने का एक दिव्य माध्यम है. उन्होंने संगत से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में गुरु घर पहुँचकर इस पावन रस का आनंद लें. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और एकता की भावना बलवती होती है.
नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास
इस समागम के माध्यम से जहाँ एक ओर धार्मिक आस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी को भी सिख संस्कृति, कीर्तन और गुरबाणी के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने का प्रयास किया जा रहा है. आयोजन को लेकर स्थानीय संगत में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा जा रहा है.

