
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से मंगलवार को इलेक्ट्रिक लोको सेड के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को विषैले और विषहीन सांपों की पहचान, सर्पदंश के लक्षण और प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक करना था। कार्यशाला की अध्यक्षता वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता विनोद कुमार ने की।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिक लोको सेड घने जंगल, गोल पहाड़ी और पठारी क्षेत्र के तराई में स्थित होने के कारण यहां सांपों की विभिन्न प्रजातियां अक्सर देखी जाती हैं। बारिश के मौसम में सांपों का प्राकृतिक आवास नष्ट होने, भोजन की कमी और प्रजनन प्रक्रिया के कारण सेड परिसर में जहरीले सांपों की संख्या बढ़ जाती है। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल बन जाता है।
कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से करैत, कोबरा, रसल वाइपर और चित्ती जैसे जहरीले सांपों की पहचान, उनके दंश के लक्षण और गुणों के बारे में जानकारी दी गई। विषहीन सांपों की पहचान भी बताई गई ताकि अनावश्यक भय से बचा जा सके। संतोष कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अज्ञानता के कारण लोग ओझा-गुनी के चक्कर में पड़कर अपनी जान गंवा देते हैं। भारत सरकार ने सर्पदंश रोकथाम और नियंत्रण योजना शुरू की है जिसके तहत निगरानी प्रणाली मजबूत करने, बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। झारखंड सरकार ने सर्पदंश को “राज्य विशिष्ट आपदा” घोषित कर पीड़ित के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान किया है।
कार्यक्रम में रेबीज संक्रमित कुत्ते के काटने के बाद शरीर में होने वाले लक्षणों और उसकी पहचान पर भी टेली फिल्म के जरिए प्रशिक्षण दिया गया।
अंत में अध्यक्षीय भाषण देते हुए वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता विनोद कुमार ने सिविल डिफेंस टीम की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की सराहना की और धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यशाला में इलेक्ट्रिक लोको सेड के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभियंता, विभिन्न सेक्शन के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सिविल डिफेंस से डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार, गीता कुमारी, सरस्वती मुर्मू, पार्वती मुर्मू, तेजिता, डी आनंद राव सहित अन्य सदस्य भी शामिल हुए।

