
उदित वाणी, रांची: जमीन घोटाला मामले में रांची के विभिन्न ठिकानों समेत जमशेदपुर में भी ईडी द्वारा दो जगहों पर छापेमारी की गई. बताया गया कि जमशेदपुर में रांची के पूर्व डीसी आईएएस छवि रंजन के बेहद करीबी के जुगसलाई गौशाला के समीप स्थित जैन मंदिर के पास रहने वाले कारोबारी श्याम सिंह भाटिया और बिष्टपुर कांट्रेक्टर एरिया बेगुनिया टावर निवासी रवि सिंह भाटिया के यहां ईडी छापामारी की गई.
ईडी के मुताबिक आर्मी जमीन घोटाला में पूछताछ के क्रम में रांची के कई इलाकों से लगभग 22 लोगों ने फर्जी तरीके से जमीन बेचे जाने की लिखित शिकायत की थी और ईडी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के क्रम में छापामारी की जा रही है.
ईडी ने बुधवार की सुबह से ही रांची के मोरहाबादी, अशोक नगर व बूटी मोड़ खेलगाँव समेत चार अलग-अलग ठिकानों में छापामारी की. मोरहाबादी में विपिन सिंह के सरतेन्दु अपार्टमेंट के फलैट नम्बर 402 व खेलगांव में शेखर कुमार के ठिकानों में छापामारी की गई. सरकारी दस्तावेजों में जालसाजी करके जमीन खरीदने के आरोप में यह रेड चल रही है.
कांट्रेक्टर बिपिन को ईडी ने नोएडा में ट्रैक किया था और ईडी ने विपिन सिंह को बुधवार सुबह 10.30 बजे तक दिल्ली ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद ईडी की टीमे उसके रांची स्थित घर पहुंची.
लेकिन ईडी के पहुंचने से पहले ही पूरा परिवार बुधवार सुबह ही फरार हो गया. इसके बाद ईडी ने फ्लैट मालिक प्रभात पांडेय को बुलाकर उक्त फ्लैट को सील कर दिया. खेलगांव थाना क्षेत्र स्थित गाड़ी गांव में जमीन ब्रोकर शेखर कुशवाहा के घर पर ईडी ने दबिश दी. इनलोगों के यहां जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
मणिकरण पावर लिमिटेड के रांची व जमशेदपुर समेत देशभर में 50 ठिकानों पर आईटी की रेड
वहीं आयकर विभाग की टीम ने रांची व जमशेदपुर समेत देशभर में 50 ठिकानों में छापामारी की. मणिकरण पावर लिमिटेड से जुड़े सभी ठिकानों पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी के आरोप में यह छापामारी की गई.
राजधानी रांची के हिनू स्थित एक प्ले स्कूल में भी यह रेड की गई. जानकारी के मुताबिक रांची के तीन जगहों पर आईटी की टीम ने दबिश दी. मणिकरण पावर लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड जारी है.
जानकारी के मुताबिक सुमित सिंह कलसी के आवास, कार्यालय व स्प्रिंगडेल स्कूल में आईटी ने दबिश दी. 20 से 25 की संख्या में विभाग के अधिकारी पहुंचे और छापामारी शुरू की. इस दौरान किसी को भी अंदर जाने व अंदर से बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई.

