
उदित वाणी, जमशेदपुर: सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल ने टाटा स्टील के वीपी (कारपोरेट सर्विसेस) चाणक्य चौधरी को पत्र लिख गैर कर्मचारियों के बच्चों को बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआई पुस्तकालय के उपयोग की अनुमति देने की मांग की है.
उन्होंने पत्र की कॉपी टीवी नरेन्द्रन, ग्लोबल सीइओ एवं प्रबंध निदेशक, टाटा स्टील, धमेन्द्र प्रधान, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली, डॉ. विरेन्द्र कुमार, मंत्री, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण, भारत सरकार, सुखदेव सिंह, मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार, रांची, जोबा मांझी, मंत्री, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखण्ड सरकार, रांची, बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवार कल्याण एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखण्ड सरकार, रांची , सरयू राय, विधायक, जमशेदपुर पूर्वी, सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विकास विभाग, झारखण्ड सरकार, राँची और विजया जाधव, उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर को भेजा है.
गैर कर्मचारियों के बच्चों को नहीं मिलती पुस्तकालय की सुविधा
मित्तल ने पत्र में लिखा है कि टाटा स्टील लिमिटेड, स्टील उत्पादक होने के साथ ही शहर में रहने वाले लोगों की सामाजिक जरूरतों और आकांक्षाओं के लिए कार्य करता रहा है.
टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों एवं उनके बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहुत पहले तकनीकी पुस्तकालय की स्थापना की है जो केवल टाटा कर्मचारियों एवं उनके बच्चों के उपयोग के लिए ही है.
एसएनटीआई पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का इसके कर्मियों द्वारा अपने ज्ञान को बढ़ाने और इस्पात निर्माण, बिजली संयंत्र संचालन आदि में नवीनतम विकास के साथ खुद को आगे स्थापित रखने के लिए उपयोग किया जा रहा है. टाटा स्टील के कर्मियों और उनके बच्चों को उन्हें प्रदान की जाने वाली इस पुस्तकालय सुविधा से अत्यधिक लाभ हुआ है.
जमशेदपुर में हजारों बच्चे हैं जो तकनीक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन अपने माता-पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अपनी पढ़ाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए महंगी तकनीक किताबें खरीदने में असमर्थ हैं.
ऐसे में आपसे अनुरोध है कि पुस्तकालय की संपत्ति की सुरक्षा की आवश्यक जांच के साथ-साथ एक उचित प्रणाली विकसित की जाय ताकि एसएनटीआई पुस्तकालय में उपलब्ध तकनीक पुस्तकें गैर कर्मचारियों के बच्चों तक भी पहुंच सके.

