
उदित वाणी, रांची: 11 हजार 674. 57 करोड़ रूपये के अनुमानित राजकोषीय घाटा के साथ वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को वित्तीय बर्ष 2023-24 के लिए सदन में 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ रूपये का भारी भरकम बजट पेश किया.
हेमंत सरकार के वित्तमंत्री नेे नये वित्तीय बर्ष को चुनावी बर्ष मानते हुए हमीन कर बजट अर्थात गांव, गरीब, किसान, विद्यार्थी पर फोकस करते हुए बजट पेश किया. जिसमें शिक्षा संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास के जरिये बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है. वहीं किसानों के आय वृध्दि योजनाओं के साथ ही राज्य में जैविक खेती पर भी हेमंत सरकार का फोकस रहेगा.
वित्तमंत्री के बजट में मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर 1 लाख 40 हजार युवक-युवतियों को कौशल प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है.
कोशल प्रशिक्षण के बाद रोजगार नहीं मिलने पर राज्य सरकार 6 माह तक पुरूषों को 1 हजार तथा महिलाओ व दिव्यागों को डेढ हजार रूपये मानदेय देगी. राज्य सरकार नये वित्तीय बर्ष में विद्यार्थियों पर 14 हजार 900 करोड़ रुपये खर्च करेगी. जिसके तहत तकनीकी व उच्च शिक्षा से लेकर स्कूली शिक्षा तक को दुरूस्त किया जाएगा.
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के लिए 12546 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. जबकि उच्च व तकनीकी शिक्षा के लिए 2354.53 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. नेतरहाट के तर्ज पर चाईबासा, दुमका व बोकारो में आवासीय विद्यालय स्थापित किया जायेगा.
पलामू, चाईबासा व दुमका में मनोचिकित्सा केन्द्र स्थापित किया जायेगा. रांची व बोकारो में मेडिकल काॅलेज खुलेगा. नये नर्सिंग व फार्मेसी काॅलेज खुलेंगे. जमशेदपुर व चाईबासा समेत बरही, खूंटी, बुंडू, पतरातू व खूंटी नॉलेज सिटी में नये राजकीय पॉलिटेक्निक खोले जायेंगे. आईटीआई संस्थानो को सुदृढ़ करते हुए अपग्रेड किया जायेगा.
सभी राजकीय विश्वविद्यालय में अध्ययनरत स्टूडेंट्स के लिए इनोवशन कम स्टार्ट अप सेंटर खोले जायेंगे. राज्य के प्राथमिक स्कूलों में बांग्ला व उड़िया भाषा की पढ़ाई शुरू की जायेगी. राज्य के सभी पंचायतों को जीरो ड्रॉप आउट पंचायत बनाने का लक्ष्य है.
गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना एवं एकलव्य प्रशिक्षण योजना के तहत 37 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत दो लाख युवाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
नई एमएसएमई पाॅलिसी की जायेगी गठित
राज्य में नई एमएसएमई पाॅलिसी गठित किया जायेगा. आरटीआई पोर्टल स्थापित किया जायेगा. राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देते हुए अलग नीति गठित की जायेगी. जिसमें लोक भागीदारी का प्रावधान किया जायेगा.
चाण्डिल डैम में पीपीपी मोड में फलोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जायेगा. चक्रधरपुर व चाण्डिल में उपकारा का निर्माण कराया जायेगा.
जमशेदपुर व गिरिडीह में खुलेंगे नये डेयरी प्लांट
जमशेदपुर व गिरिडीह में नये डेयरी प्लांट तथा रांची में मिल्क पाउडर प्लांट एवं मिल्क प्रोडक्ट प्लांट पर 180 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे. पशुधन विकास योजना पर 300 करोड़ खर्च किये जायेंगे.
पटमदा व पलामू में मेगा लिफट इरीगेशन के साथ राज्य में सिंचाई योजनाओं को सुदुढ़ किया जायेगा तथा कृषि समृध्दि योजना लागू की जायेगी. एक लाख किसानों को कूप निर्माण योजना का लाभ दिया जायेगा.
सेविकाओं के मानदेय में 500 रूपये की वृध्दि की जायेगी
आंगनबाड़ी सेविकाओं के मानदेय में 500 रूपये व सहायिका के मानदेय में 250 रूपये वृध्दि की जायेगी तथा सेविकाओं को स्मार्ट फोन दिया जायेगा. सभी को 500 रूपये बार्षिक प्रीमियम के साथ सामुहिक बीमा योजना से आच्छादित किया जायेगा.
पंचायत सचिवालय में ज्ञान केन्द्र स्थापित किया जायेगा तथा संवाद एवं प्रचार-प्रसार के लिए 65 इंच का एलईडी टीवी लगाया जायेगा.
उन्होंने लगातार योजना मद की राशि में की है बढ़ोत्तरी-रामेश्वर उरांव बजट पेश करने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन के उद्येश्य उन्होंने लगातार योजना मद की राशि में बढ़ोतरी व स्थापना खर्च में कटौती की है.
नये वित्तीय बर्ष में योजना मद में 61 प्रतिशत व स्थापना मद में 39 प्रतिशत राशि खर्च की जायेगी. वहीं उन्हांने राजकोषीय घाटा को अनुमानित जीएसडीपी का 2.76 प्रतिशत में नियंत्रित करने का प्रयास किया है.
राज्य में ऋण का अनुपात भी आरबीआई गाइडलाइन के दायरे में है. उन्होंने नये वित्तीय बर्ष में सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 33 हजार 378.45 करोड़, सामाजिक प्रक्षेत्र में 43 हजार 303 करोड़ व आर्थिक प्रक्षेत्र में 39 हजार 736.11 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है.

