उदित वाणी जमशेदपुर : परसूडीह में दो साल पहले एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एडीजे वन कंकन पट्टादार की अदालत ने वारदात के वक्त नाबालिग (17 वर्ष) रहे मुख्य दोषी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सख्त सजा सुनाई है। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी पर 20 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न चुकाने की स्थिति में उसे एक साल की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
झाड़ियों में ले जाकर की थी दरिंदगी
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रूह कंपा देने वाली यह वारदात 11 जनवरी 2024 की शाम को हुई थी। पीड़िता अपने भाइयों को घर बुलाने के लिए पास के एक मैदान की तरफ जा रही थी। इसी दौरान सुनसान रास्ता देखकर घात लगाए बैठे आरोपी वरुण दास और उसके साथी (दोषी किशोर) ने उसे दबोच लिया। आरोपी मासूम का मुंह दबाकर उसे जबरन पास की झाड़ियों में ले गए, जहां दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
दरिंदगी के कारण जब मासूम दर्द से बेहाल होकर बेहोश हो गई, तो दोनों पाशविक प्रवृत्ति के आरोपी उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए।
8 गवाहों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सजा
होश में आने के बाद पीड़िता ने किसी तरह अपने घर पहुंचकर आपबीती अपने मामा को बताई, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से पक्ष रखते हुए कुल 8 गवाहों को पेश किया। अदालत ने सभी गवाहों के बयान, साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट की अचूक कड़ियों को ध्यान में रखते हुए किशोर को इस घिनौने अपराध का दोषी पाया।


