
उदितवाणी, जमशेदपुर: टाटा स्टील और निप्पोन स्टील कारपोरेशन के संयुक्त उपक्रम जमशेदपुर कन्टीन्यूवस एनिलिंग एंड प्रोसेसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (जेसीएपीसीपीएल) ने शुक्रवार 25 नवम्बर को अपनी सामाजिक सुरक्षा योजना को विस्तार करते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों को लीव बैंक की सुविधा देने का फैसला लिया.
इस लेकर जेसीएपीसीपीएल के प्रबंध निदेशक उज्ज्वल चक्रवर्ती और यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, शहनवाज आलम, जीतेन्द्र कुमार, प्रणव झा और राधिका सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किया.
समझौते के तहत एक जनवरी 2023 तक कंपनी के कर्मचारी इस सुविधा के हकदार होंगे. जो कर्मचारी इस सुविधा का लाभ नहीं लेना चाहते और इससे बाहर रहना चाहते हैं, वे लीव बैंक कमेटी को आवेदन दे सकते हैं. लीव बैंक के सदस्यों को सदस्य बनते ही इस बैंक में अपने एक सिक लीव को डोनेट करना होगा.
जरूरत के हिसाब से इसकी सुविधा कर्मचारियों को मिलेगी, लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि लीव बैंक में न्यूनतम 150 छुटि्टयों का बैलेंस रहे.
इन असाध्य रोगियों को मिलेगी सुविधा
यह सुविधा असाध्य रोगों से ग्रस्त वैसे कर्मचारियों को मिलेगी, जो लंबी छुट्टी पर रहेंगे. मसलन दिल, किडनी, लीवर, कैंसर, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर, मल्टीपल सिरोसिस, मल्टी ऑर्गन फेल्योर, एचआईवी आदि रोगों में लीव बैंक की सुविधा मिलेगी.
कर्मचारियों को अधिकतम 60 दिन का लीव मिलेगा
कर्मचारियों को लीव बैंक से अधिकतम 60 दिन का पैसा मिलेगा. हर माह 10 दिन से ज्यादा नहीं मिलेगा. यानि 60 दिन के लीव का पैसा छह माह में मिलेगा. बाद में कर्मचारियों को लीव लौटाना पड़ेगा. कर्मचारी अपने सेवा काल में अधिकतम दो बार इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे.

