
उदित वाणी, जमशेदपुर: विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी सोमवार को हवाई मार्ग से रांची पहुंचीं, जहां जमशेदपुर से गए श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से जमशेदपुर पहुंचीं। उनके साथ उनकी माताजी भी मौजूद रहीं। वहीं, उनकी 25 सदस्यीय टीम पूर्व में ही जमशेदपुर पहुंच चुकी थी, जबकि सोमवार को वे पांच अन्य सहयोगियों के साथ आईं।
टाटानगर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। शहर में उनके आगमन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखा गया।
मंगलवार 31 मार्च से 2 अप्रैल तक साकची स्थित राजेंद्र विद्यालय के समीप बोधि मंदिर मैदान (चंदूलाल अशोक कुमार भालोटिया सभागार) में ‘नानी बाई रो मायरो’ की त्रिदिवसीय संगीतमय कथा का आयोजन किया जाएगा। लगभग 21 हजार वर्गफुट में बने सभागार में 3500 से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है।
तीन दिनों तक बहेगी भक्ति की धारा
नारायणी सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कथा का उद्देश्य भक्त और भगवान के बीच प्रेम और आस्था के भाव को मजबूत करना है। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी।
प्रथम दिवस: नरसी मेहता का जीवन, शिव मिलन और श्रीकृष्ण महारास
द्वितीय दिवस: कुमकुम पत्रिका और नरसी-श्रीकृष्ण मिलन
तृतीय दिवस: नानी बाई प्रसंग और ‘मायरा’ की भावपूर्ण प्रस्तुति
प्रवेश नि:शुल्क, पास अनिवार्य आयोजन से जुड़े कैलाश सरायवाला ने बताया कि कथा में प्रवेश नि:शुल्क है, लेकिन सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए प्रवेश पत्र अनिवार्य रहेगा।
ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेगी कथा
जो श्रद्धालु स्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे, वे जया किशोरी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर कथा का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।
लौहनगरी में दूसरी बार आगमन जया किशोरी का यह जमशेदपुर में दूसरा आगमन है। उनका प्रवास केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए आध्यात्म और आधुनिक जीवन के संतुलन को समझने का अवसर भी है।

