
जमशेदपुर: सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) ने सिख समुदाय में सादगी और परंपराओं को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने सोनारी गुरुद्वारा साहिब में आयोजित एक धार्मिक समागम को संबोधित करते हुए कहा कि जो परिवार अपने बुजुर्गों के निधन पर ‘अंतिम अरदास’ के दौरान सादा लंगर परोसेंगे और संगत को नीचे पंगत में बैठाकर लंगर छकाएंगे, उन्हें सीजीपीसी और संबंधित गुरुद्वारा कमेटी द्वारा विशेष सम्मान पत्र दिया जाएगा।
नियमों में आंशिक संशोधन और प्रोत्साहन
चेयरमैन शैलेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि सीजीपीसी ने पहले भी बुजुर्गों की मृत्यु पर सादा लंगर और जमीन पर बैठकर छकने का नियम बनाया था, लेकिन उचित प्रचार-प्रसार न होने के कारण इसे पूर्णतः लागू नहीं किया जा सका था। अब सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने अन्य पदाधिकारियों और गुरुद्वारा कमेटियों के साथ विचार-विमर्श के बाद इस नियम में प्रोत्साहन राशि या सम्मान जोड़ने का निर्णय लिया है।
बुजुर्गों के सम्मान में सादगी की अपील
सरदार शैलेंद्र सिंह ने भावुक अपील करते हुए कहा, “यदि सिख समुदाय गुरुओं के प्रकाशोत्सव और शहीदी दिवस पर नीचे पंगत में बैठकर लंगर छक सकता है, तो हमारे बुजुर्गों के अंतिम अरदास पर क्यों नहीं? हमारे बुजुर्ग हमारे मार्गदर्शक और दुनियावी गुरु हैं।” उन्होंने संगत से आह्वान किया कि वे दिखावे से दूर रहकर सीजीपीसी द्वारा बनाए गए इन नियमों का पालन करें और कमेटी का हौसला बढ़ाएं।
धार्मिक समागम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर सीजीपीसी और स्थानीय गुरुद्वारा कमेटियों के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:
• धर्म प्रचार कमेटी: प्रधान सुखदेव सिंह खालसा, महासचिव रविंदर सिंह।
• CGPC पदाधिकारी: संरक्षक गुरदेव सिंह राजा, मुख्य सलाहकार हरविंदर सिंह मंटू, अजीत सिंह गंभीर, जोगिंदर सिंह जोगी।
• सेंट्रल स्त्री सभा: प्रधान रविंदर कौर, चेयरमैन कमलजीत कौर, महासचिव सुखवंत कौर, परमजीत कौर, मनजीत कौर।
• सोनारी गुरुद्वारा कमेटी: प्रधान बलबीर सिंह, चेयरमैन गुरदयाल सिंह, महासचिव सुखविंदर सिंह।
• स्त्री सत्संग सभा: प्रधान कमलेश कौर, हरजीत कौर, सुरजीत कौर, सरबजीत कौर।
मंच का सफल संचालन मनजीत सिंह ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में साध संगत ने शिरकत की।

