उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर के एनएच-33 (NH-33) स्थित एक भवन में फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस सभा में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों सहित पूर्वी सिंहभूम जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में राशन दुकानदार शामिल हुए. बैठक का मुख्य एजेंडा दुकानदारों की लंबित समस्याओं और उनके समाधान के लिए भविष्य की रणनीति बनाना था.
एक साल से कमीशन बकाया, आर्थिक संकट में दुकानदार
बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री प्रमोद गुप्ता ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से राशन दुकानदारों का कमीशन भुगतान लंबित है. कमीशन न मिलने के कारण दुकानदारों के सामने अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन गया है.
आंदोलन की रणनीति: सचिव से मुलाकात और न्यायालय का विकल्प
प्रमोद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार की इस उदासीनता के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी. एसोसिएशन ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने का निर्णय लिया है:
पहला चरण: संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव से मिलकर अपनी मांगें रखेगा.
दूसरा चरण: यदि विभागीय स्तर पर समाधान नहीं होता है, तो संगठन उच्च न्यायालय (Court) का दरवाजा खटखटाएगा.
अंतिम विकल्प: मांगें पूरी न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके.
एकजुट हुए राशन डीलर
बैठक में मौजूद सभी राशन दुकानदारों ने अपनी समस्याओं को साझा किया और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया. दुकानदारों ने एक स्वर में कहा कि जब तक बकाया कमीशन का भुगतान नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे. बैठक के अंत में तय हुआ कि जल्द ही मांग पत्र सौंपने के बाद आंदोलन की आधिकारिक तारीखों की घोषणा की जाएगी.


