
उदित वाणी,जमशेदपुर : जमशेदपुर के मसीही समुदाय के लिए चालीस दिनों के उपवास, प्रार्थना और प्रायश्चित का काल (लेंट) अपने अंतिम पड़ाव पर है. कल (शुक्रवार, 3 अप्रैल) शहर के विभिन्न चर्चों में गुड फ्राइडे का पर्व पूरी श्रद्धा और गमगीन माहौल में मनाया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया. आज, शनिवार 4 अप्रैल को समुदाय ‘पवित्र शनिवार’ मना रहा है, जो शोक के बाद पुनरुत्थान की प्रतीक्षा का दिन है.
आज शनिवार की मध्यरात्रि में शहर के प्रमुख गिरजाघरों—बिष्टुपुर स्थित सेंट मैरी चर्च, टेल्को के सेंट जोसेफ कैथेड्रल और गोलमुरी स्थित सेंट जोसेफ चर्च में ‘ईस्टर विजिल’ (Easter Vigil) मिस्सा का आयोजन होगा.

नई ज्योति की आशीष: आज रात चर्चों के बाहर पवित्र अग्नि प्रज्वलित की जाएगी, जिससे ‘पास्का मोमबत्ती’ को जलाया जाएगा. यह अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है.
बपतिस्मा का नवीनीकरण: इस विशेष प्रार्थना सभा में श्रद्धालु अपने विश्वास का नवीनीकरण करेंगे और पवित्र जल की आशीष दी जाएगी.
कल 5 अप्रैल: उल्लास के साथ मनाया जाएगा ईस्टर संडे
लेंट की गंभीरता के बाद कल, 5 अप्रैल को ईस्टर संडे का उत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह दिन मृत्यु पर जीवन की विजय का प्रतीक है.
भोर की प्रार्थना (Sunrise Service): कल सुबह जमशेदपुर के विभिन्न कब्रिस्तानों में ‘सनराइज सर्विस’ आयोजित की जाएगी। लोग अपने पूर्वजों की कब्रों पर मोमबत्तियां और फूल चढ़ाकर प्रभु के पुनरुत्थान की खुशी साझा करेंगे.
भव्य मिस्सा: सेंट जोसेफ कैथेड्रल और अन्य चर्चों को फूलों व रोशनी से सजाया गया है। कल सुबह की विशेष प्रार्थना के बाद लोग एक-दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएं देंगे और शादियों व अन्य मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध भी समाप्त हो जाएगा.
अद्यतन कार्यक्रम:
आज: पवित्र शनिवार (4 अप्रैल 2026): रात 10:30 बजे से मध्यरात्रि तक: सभी प्रमुख चर्चों में ईस्टर विजिल मिस्सा और नई ज्योति की आशीष
कल: ईस्टर संडे (5 अप्रैल 2026):
सुबह 5:00 बजे: विभिन्न कब्रिस्तानों में भोर की प्रार्थना (Sunrise Service)
सुबह 7:30 बजे और 9:00 बजे: सेंट मैरी चर्च (बिष्टुपुर) और सेंट जोसेफ कैथेड्रल (टेल्को) में विशेष ईस्टर मिस्सा
संध्या कालीन सभा: कई चर्चों में शाम को विशेष धन्यवाद आराधना का आयोजन

