उदित वाणी, रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की वित्तीय स्थिति और राजस्व संग्रह की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया है.
सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि बजट प्रबंधन, राजस्व बढ़ाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. बैठक में राज्य की आय-व्यय की स्थिति, केंद्र से मिलने वाली सहायता राशि, विभिन्न विभागों के खर्च और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के काम में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा की जाए. बैठक में यह जानकारी दी गई कि खनन राजस्व के मामले में झारखंड की स्थिति पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में बेहतर है. अधिकारियों ने बताया कि खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था के कारण राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी हुई है.
सीएम ने इस पर संतोष जताते हुए अवैध खनन पर सख्ती और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमैट्रिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति और कामकाज की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके और लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें. वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा के दौरान जीएसटी, वैट और प्रोफेशनल टैक्स से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई.
बैठक में कर संग्रह बढ़ाने, कर चोरी रोकने और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि करदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो और विभागीय प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल से विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा. बैठक में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
(आईएएनएस)


