
उदित वाणी, आदित्यपुर : केन्द्रीय एमएसएमई मंत्रालय के मातहत राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी), झारखंड के द्वारा सैनिकों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. इस क्रम में आज आदित्यपुर ऑटो कलस्टर में आहूत कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया.
सेवानिवृत होने के बाद पूर्व सैनिकों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आहूत इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त सैनिकों को स्वरोजगार के अवसर और उन्हें केंद्र सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से अवगत कराना था. मौके पर उपस्थित पूर्व सैनिकों को विशेषज्ञों द्वारा बिजनेस मॉडल तैयार करने और डिजिटल मार्केटिंग का गुर भी सिखाए गए.

विभाग का लक्ष्य अधिकाधिक सैनिकों को अपनी दूसरी पारी में श्जॉब सीकरश् के बजाय श्जॉब क्रिएटरश् बनाना है. कार्यशाला को संबोधित करते हुए कौशल विकास विभाग के क्षेत्रीय निदेशक डॉ विनोद कुमार दुबे ने कहा कि राष्ट्र की सेवा के बाद सैनिकों के पास अनुभव और अनुशासन की बड़ी पूंजी होती है.
अगर उन्हें सही कौशल और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो वे सफल उद्यमी बन सकते हैं. उन्होंने एमएसएमई और कौशल मंत्रालय द्वारा संचालित उन योजनाओं पर भी प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से विशेष रूप से नए व्यवसाय शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण और सब्सिडी प्राप्त होती है. इसके तहत होने वाले कौशल प्रशिक्षण में पूर्व सैनिकों की क्षमता के अनुसार उन्हें आधुनिक व्यवसायों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है.
वहीं, पीएमईजीपी जैसी योजनाओं के माध्यम से वित्तीय मदद की जानकारी उपलब्ध करायी जाती है. साथ हीं उत्पाद तैयार करने के बाद उसे बाजार तक पहुँचाने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता के संबंध में भी जानकारी दी जाती है. धन्यवाद ज्ञापन स्टेट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अंशु अग्रवाल ने किया.

