
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट में ‘बिफोर टाइम’ ग्रेड समझौता होने के बाद टाटा कमिंस के कर्मचारियों में भी बड़ी उम्मीद जगी थी कि 31 मार्च 2026 से पहले उनका ग्रेड रिवीजन भी पूरा हो जाएगा, लेकिन पिछले चार दिनों से प्रबंधन और यूनियन के बीच कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है, जिससे ग्रेड समझौते की प्रक्रिया रुक गई है. सूत्रों के अनुसार, ग्रेड में अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है.
प्रमुख बिंदु बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी, एसीपी योजना और मेडिकल सुविधाओं को लेकर हैं. कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि टाटा मोटर्स की तर्ज पर ही टाटा कमिंस में भी अच्छी बढ़ोतरी मिलेगी. वार्ता रुकने की एक वजह प्लांट हेड का शहर से बाहर होना बताया जा रहा है. टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन की नई टीम पूरी ताकत से प्रयास कर रही है कि चार साल बाद होने वाला यह ग्रेड समझौता समय पर पूरा हो, ताकि कर्मचारियों को तुरंत लाभ मिल सके. पिछली बार ग्रेड में काफी देरी हुई थी, जिससे कर्मचारियों को नुकसान हुआ था. इस बार समय पर समझौता होने से बोनस और अन्य लाभ भी मिलने की संभावना है.
क्या है ग्रेड समझौता?
यह समझौता कर्मचारियों के बेसिक वेतन, भत्तों, प्रमोशन और अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी तय करता है. टाटा मोटर्स में हाल ही में हुए समझौते में कर्मचारियों को औसतन 19,750 से 20,000 तक की कुल बढ़ोतरी मिली है, जो चार साल की अवधि में चरणबद्ध तरीके से लागू होगी. टाटा कमिंस के लगभग 764 कर्मचारी इस समझौते का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. वर्तमान समझौता 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है. अगर नया समझौता समय पर नहीं होता है तो कर्मचारियों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है.

