
उदित वाणी, रांची: जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो को लिखित सूचना देकर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर सदन में गलत बयानी करने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया तथा मंत्री बन्ना गुप्ता के विरूद्ध सदन की अवमानना की कार्रवाई चलाने का आग्रह किया है.
विधायक राय ने कहा कि सदन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाओं के खरीद में अनियमितता पर कार्रवाई करने से संबंधित उनका अल्पसूचित प्रश्न सूचीबद्ध था.
जिसपर उन्होंने एक पूरक प्रश्न पूछा कि क्या भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भारत सरकार के लोक उपक्रमों से दवाएँ खरीदने का दिशा-निर्देश सरकार के लिए बाध्यकारी अथवा सलाह के रूप में है. जिसके जबाब में मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि बाध्यकारी है. सरयू राय ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का यह जबाब सरासर गलत है.
उन्होंने सदन को गुमराह किया है. सदन के सामने असत्य कहा है और अपना भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश की है. उन्होंने लगाये गये आरोपों को पुष्ट करने के लिए भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा रेलवे को दिए गए एक पत्र भी स्पीकर को सौंपा। जिसमें रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी संस्थाओं से ही दवा खरीदना बाध्यकारी नहीं है.
इसके साथ ही विधायक राय ने कहा कि सेफोप्रेजोन इंजेक्शन 1गाम की भाॅयल राज्य सरकार ने भारत सरकार की कंपनी कर्नाटका एंटिबायोटिक्स 41.56 रूपये प्रति भाॅयल की दर से खरीदी है और उसी इंजेक्शन को निविदा के माध्यम से पुष्कर फार्मा से 24.60 रूपये में खरीदी गई है.
इसके साथ ही सरयू राय ने आरोप लगाया है कि कर्नाटका एंटिबायोटिक्स का सीएनएफ मंत्री के नजदीकी व उनके दल के एक नेता के पास है. उन्होंने कहा कि कर्नाटका एंटिबायोटिक्स ने रांची के यूनिक फार्मा के साथ 12 से 15 प्रतिशत तक कमीशन देने का एग्रीमेंट किया है. स्वास्थ्य मंत्री का यूनिक फार्मा से क्या संबंध है. इसकी जांच कराने की जरूरत है. विधायक राय ने इसके अलावा भी अन्य कई आरोप लगाया है.

