
उदित वाणी, रांची: जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने विशेष उल्लेख के माध्यम से विधानसभा में स्वर्णरेखा नदी में पानी का बहाव कम होने के कारण जमशेदपुर की मोहरदा पेयजल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने का मामला उठाया तथा उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से चांडिल डैम का पानी छोड़ने के लिए सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया.
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री को इस मामले को संज्ञान में लेने और विधायक सरयू राय की भावना के अनुरूप फैसला लेने संबंधी नियमन दिया तथा संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने इस मुद्दे को लेकर 15 मार्च को विधायक राय के साथ बैठक करके मामले को निष्पादित करने का आश्वासन दिया.
विधायक सरयू राय ने कहा कि यद्यपि मोहरदा पेयजल परियोजना के लिए पानी छोड़ने को लेकर दो दिन पहले सरकार ने इंकार कर दिया था और कहा गया था कि किसान डैम को पूरा भरने नहीं देते हैं.
इसलिए पानी छोड़ना संभव नहीं है. जिसपर उन्होंने सदन को बताया कि सरकार ग़लतबयानी कर रही है और राष्ट्रीय जल नीति का भी उल्लंघन कर रही है. राष्ट्रीय जल नीति 2002 के अनुसार नदी के जल पर पहला अधिकार पीने के पानी के लिए है और प्राथमिकता में नदी जल का औद्योगिक उपयोग चौथे नम्बर पर है.
यदि डैम में पानी कम है तो उद्योगों के लिये नदी जल देने में सरकार कटौती करे. लेकिन पेयजल में कटौती न करे.

