उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जमशेदपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. कुख्यात अपराधी मनीष सिंह के करीबी सहयोगी शैंकी गोहिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का दावा है कि शैंकी जेल में बंद मनीष सिंह के इशारे पर रंगदारी वसूली, अवैध लेन-देन और जमीन कारोबार का संचालन कर रहा था.
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित न्यू डीएस फ्लैट में विशेष टीम ने छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान शैंकी गोहिल को दबोच लिया गया. तलाशी में उसके पास से एक लग्जरी थार वाहन, तीन मोबाइल फोन तथा लोगों से सुरक्षा के तौर पर लिए गए 15 ब्लैंक चेक बरामद किए गए.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि घाघीडीह जेल में बंद मनीष सिंह अपने गिरोह के सदस्यों के माध्यम से शहर के कारोबारियों में दहशत फैलाने और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था. शैंकी गोहिल इस नेटवर्क का अहम हिस्सा था और गिरोह के आर्थिक लेन-देन का पूरा हिसाब-किताब संभालता था.
पुलिस के अनुसार शैंकी का सिबिल स्कोर बेहतर होने के कारण गिरोह ने उसका इस्तेमाल महंगी गाड़ियों की फाइनेंसिंग में किया. रंगदारी और अवैध वसूली से जुटाए गए पैसों से उसके नाम पर थार और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां खरीदी गई थीं.
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोगों को ऊंची ब्याज दर पर रकम उधार देता था. बदले में उनसे ब्लैंक चेक रखवा लिए जाते थे. तय समय पर पैसा नहीं लौटाने पर मनीष सिंह के नाम का भय दिखाकर लोगों को धमकाया जाता था.
शैंकी गोहिल के खिलाफ जुगसलाई थाना में आर्म्स एक्ट सहित सोनारी और गोलमुरी थाना क्षेत्रों में कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं. पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वह जुगसलाई और सरायकेला के डोबो इलाके में विवादित जमीनों की खरीद-बिक्री में सक्रिय था.
सिटी एसपी ने कहा कि गिरोह के सरगना मनीष सिंह, दीपक सिंह और रौशन सिंह पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. अब शैंकी की गिरफ्तारी के बाद गिरोह की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा है. पुलिस फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.


