उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के विभिन्न एटीएम (ATM) में तैनात सुरक्षा गार्डों ने निजी सुरक्षा एजेंसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. करीब 140 सुरक्षा गार्डों ने कंपनी पर भुगतान रोकने और अचानक नौकरी से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है.
साढ़े चार साल की सेवा के बाद अचानक हटाया
प्रभावित सुरक्षा गार्डों का कहना है कि वे पिछले करीब साढ़े चार वर्षों से लगातार अपनी सेवा दे रहे थे. इसके बावजूद, कंपनी ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक सेवा समाप्ति पत्र (Termination Letter) थमा दिया, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है.
PF, बोनस और वेतन सहित करोड़ों का बकाया
गार्डों ने आरोप लगाया है कि निजी कंपनी ने उनके कई महत्वपूर्ण भुगतानों को रोक रखा है. गार्डों के अनुसार निम्नलिखित राशियाँ अब तक बकाया हैं:
भविष्य निधि (PF): पिछले 15 महीने का पीएफ जमा नहीं किया गया है.
बोनस: एक वर्ष का बोनस भुगतान शेष है.
वेतन: अप्रैल माह का वेतन अब तक नहीं मिला है.
अन्य भुगतान: राष्ट्रीय अवकाश का पैसा, न्यूनतम वेतन का अंतर और अतिरिक्त कार्य (Overtime) का भुगतान भी लंबित है.
भुगतान में विसंगति: गार्डों का दावा है कि उनसे 30 दिन ड्यूटी कराई जाती है, लेकिन भुगतान केवल 26 दिनों का ही किया जा रहा है.
ग्रेच्युटी और पुनर्बहाली की मांग
मजदूरों ने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए अपनी सेवा अवधि के आधार पर ग्रेच्युटी की राशि दिलाने की मांग की है. साथ ही, उन्होंने शर्त रखी है कि यदि बैंक द्वारा कोई नई एजेंसी नियुक्त की जाती है, तो इन सभी 140 अनुभवी गार्डों को पुनः कार्य पर रखा जाए ताकि उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित रह सके.


