
उदित वाणी, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार, जिले में गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा खराब पड़े जलस्रोतों की युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है. जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीषण गर्मी के दौरान नागरिकों को पेयजल की किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े.
शिकायतों पर त्वरित संज्ञान और मरम्मतीकरण
जिला प्रशासन ने सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए सोशल मीडिया, जन शिकायत निवारण दिवस, समाचार पत्रों और अन्य मीडिया माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई शुरू की है. इन माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों को चिन्हित कर उनके मरम्मतीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है.
गोलमुरी और करनडीह में चापाकल दुरुस्त
इसी अभियान के तहत गोलमुरी-सह-जुगसलाई प्रखंड में प्रभावी कार्य किया गया है. विभाग द्वारा:
बड़ाबांकी पंचायत में कुल 6 चापाकलों की मरम्मत की गई.
दक्षिण करनडीह पंचायत में कुल 5 चापाकलों को दुरुस्त कर सुचारू बनाया गया.
सतत निगरानी और भविष्य का लक्ष्य
उपायुक्त ने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले के सभी प्रखंडों में खराब पेयजल स्रोतों को शीघ्रता से दुरुस्त किया जाए. जिला प्रशासन की इस सक्रियता से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है. आगामी महीनों में जल संकट की स्थिति न बने, इसके लिए विभाग को निरंतर निगरानी और फीडबैक के आधार पर कार्य करने को कहा गया है.

