
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप रविवार को देर रात क्रू लॉबी के बाहर लोको पायलट जीके गौतम की हत्या ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस वारदात को सुनियोजित सुपारी किलिंग मान रही है, जिसमें पेशेवर शूटरों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
रविवार रात हुई इस घटना में अपराधियों ने बेहद सटीक तरीके से गौतम की कनपटी पर गोली मारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। वारदात के तरीके से स्पष्ट है कि हमलावरों ने पहले से पूरी रेकी कर रखी थी और उन्हें गौतम की ड्यूटी तथा मूवमेंट की सटीक जानकारी थी।
जमीन विवाद बना हत्या की बड़ी वजह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जीके गौतम रेलवे सेवा के साथ-साथ रियल एस्टेट कारोबार में भी सक्रिय थे। हाल ही में उन्होंने आदित्यपुर स्थित कुलुपटांगा क्षेत्र में लगभग 20 कट्ठा जमीन खरीदी थी, जहां वे अपने साझेदारों के साथ प्लॉटिंग का काम कर रहे थे। इसी जमीन को लेकर उनका स्थानीय भू-माफिया और जमीन सिंडिकेट से विवाद चल रहा था। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश में उन्हें रास्ते से हटाने के लिए सुपारी दी गई।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस टीमें
सिटी एसपी ललित मीणा के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया गया है। जांच के तहत गौतम के मोबाइल की कॉल डिटेल, बैंक लेन-देन और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी जारी है।
परिवार में कोहराम, रेलकर्मियों में आक्रोश
तीन महीने पहले ही डांगुवापोसी से टाटानगर स्थानांतरित हुए गौतम का परिवार आदित्यपुर में रह रहा था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन बदहवास हो गए। पत्नी और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस हत्याकांड के बाद रेलकर्मियों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि क्रू लॉबी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं है। फिलहाल, पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

