
जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार शाम करीब 5 बजे एक बड़ी गलतफहमी के चलते अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गायनिक वार्ड में भर्ती एक महिला को डॉक्टर ने तीन बच्चों के बाद परिवार नियोजन के तहत नसबंदी कराने की सलाह दी थी, लेकिन महिला के पति ने इस बात को गलत अर्थ में ले लिया।
गम्हरिया से आए पति ने ‘नसबंदी’ की सलाह को ‘बच्चा बदलने’ की बात समझ लिया और घबराकर तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा दी। साथ ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा से भी इसकी शिकायत की, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ड्यूटी में तैनात होमगार्ड जवानों के साथ जांच शुरू की। जांच के दौरान महिला ने स्पष्ट किया कि उनका पहले से दो बच्चे हैं और वह तीसरी बार प्रसव के लिए भर्ती हुई हैं। डॉक्टर ने तीसरा बच्चा प्रसव के बाद केवल परिवार नियोजन के तहत नसबंदी की सलाह दी थी, बच्चे को बदलने जैसी कोई बात नहीं कही गई थी।
जांच में सच्चाई सामने आने के बाद मामला पूरी तरह गलतफहमी का निकला। पुलिस की चेतावनी के बाद महिला के पति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए डॉक्टर से माफी मांग ली।
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपील की कि किसी भी जानकारी को बिना पुष्टि के अफवाह न बनाएं, बल्कि पहले तथ्यों की सही जानकारी लें, ताकि ऐसी अनावश्यक स्थिति से बचा जा सके।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने बताया कि एक युवक ने इस संबंध में शिकायत की थी, जो जांच में निराधार पाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि युवक मानसिक तनाव में प्रतीत हो रहा था।

