
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने उत्तर प्रदेश के जेवर एयरपोर्ट परियोजना में अहम योगदान दिया है. कंपनी ने अपने प्रीमियम GalvaRoS (गैल्वनाइज्ड प्लेन) स्टील की 13.8 किलो टन आपूर्ति की है, जिसके माध्यम से 16,14,585 वर्ग फीट में प्रिसिजन-इंजीनियर्ड डक्टिंग तैयार की गई है. यह कार्य कंपनी के प्रमुख ग्राहक डीएस डक्टोफैब सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से संपन्न हुआ.
विभिन्न उत्पादों से मजबूत हुआ निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को और मजबूती देने के लिए टाटा स्टील द्वारा 7,400 मीट्रिक टन टाटा टिस्कॉन TMT रिबार्स और 227 मीट्रिक टन Sm@rtFAB (वेल्डेड वायर मेश) की भी आपूर्ति की गई है. इन उत्पादों का उपयोग एयरपोर्ट के टर्मिनल और कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में किया जा रहा है.
टाटा स्टील ट्यूब्स का भी योगदान
परियोजना में टाटा स्टील ट्यूब्स की ओर से भी लगभग 960 मीट्रिक टन सामग्री की आपूर्ति प्रमुख फैब्रिकेटर्स के माध्यम से की गई है, जिससे निर्माण कार्य को और गति मिली है.
विश्वस्तरीय एयरपोर्ट निर्माण को बढ़ावा
कंपनी के इन योगदानों से जेवर एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित करने में मदद मिल रही है. मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाले स्टील उत्पादों के उपयोग से परियोजना में मजबूती, टिकाऊपन और सटीकता सुनिश्चित की जा रही है.
प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन
आज 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने देश में आधुनिक और विश्वस्तरीय हवाई अड्डा अवसंरचना के विस्तार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया. जेवर एयरपोर्ट को देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

