
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह एक विवाद ने तूल पकड़ लिया, जब बीएसएफ के जवान आलोक रंजन ने आरपीएफ की एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य कर्मियों पर मारपीट व बदसलूकी का आरोप लगाया. घटना के बाद स्टेशन परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा.
पीड़ित जवान आलोक रंजन के अनुसार वे अपनी पत्नी के साथ टाटा–कटिहार ट्रेन से सुबह लगभग आठ बजे टाटानगर स्टेशन पहुंचे थे. प्लेटफॉर्म पर उतरने के बाद वे अपना सामान लेकर बाहर निकलने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान आरपीएफ की महिला पुलिसकर्मी आनंदिता बारीक उनके लगेज बैग को लात मारने लगीं. जवान का कहना है कि जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो बात बढ़ गई और महिला पुलिसकर्मी ने उनके साथ दुर्व्यवहार करते हुए मारपीट शुरू कर दी.

आलोक रंजन ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनकी पत्नी के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे वह गिर पड़ीं. उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद उन्हें लगभग सात घंटे तक हाजत में बंद रखा गया. जवान का कहना है कि उनके साथ अन्य आरपीएफ कर्मियों ने भी अभद्र व्यवहार किया.
दूसरी ओर आरपीएफ की महिला पुलिसकर्मी आनंदिता बारीक ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह ड्यूटी पर तैनात थीं और इसी दौरान संबंधित व्यक्ति ने उनके साथ बदतमीजी की. उन्होंने दावा किया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई.
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. मामले को लेकर रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों द्वारा जांच की बात कही जा रही है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. वहीं, इस घटना ने स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

