
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन से भविष्य में स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन की संभावना तेज हो गई है। स्टेशन पर नया कोचिंग डिपो बनने के बाद रेलवे इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों में नई उम्मीद जगी है।
इस संबंध में तरुण हुरिया ने झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुमार अभिषेक कुमार को जानकारी दी कि भविष्य में टाटानगर से स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि यह ट्रेन किस रूट पर संचालित होगी।
पूर्व में टाटानगर से वाराणसी या बिलासपुर मार्ग पर वंदे भारत ट्रेन चलाने को लेकर चर्चा हो चुकी है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, अगस्त 2024 में टाटानगर स्टेशन की वाशिंग लाइन नंबर-1 को वंदे भारत ट्रेनों के अनुरूप अपग्रेड किया गया था। इसके साथ ही हाईटेंशन तार भी लगाए गए थे, ताकि आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
टाटानगर स्टेशन से फिलहाल दो वंदे भारत ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। सितंबर 2023 से रांची–हावड़ा वंदे भारत और सितंबर 2024 से राउरकेला–हावड़ा वंदे भारत ट्रेन सप्ताह में छह दिन टाटानगर होकर गुजर रही हैं। यदि स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत होती है तो लंबी दूरी के यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्लीपर वंदे भारत ट्रेन लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होगी, जिससे यात्रियों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी। रेलवे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करीब 3200 स्लीपर कोच भी विभिन्न कंपनियों से तैयार करा रहा है।
हाल ही में बिलासपुर मंडल रेलवे सलाहकार समिति की बैठक में भी टाटानगर से वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग उठाई गई थी। वहीं झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन ने टाटानगर से हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और दिल्ली के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी रेलवे से की है। रेलवे की इस पहल से क्षेत्र के हजारों यात्रियों को तेज और आधुनिक यात्रा का लाभ मिलने की संभावना है।

