
उदित वाणी, चांडिल : वर्षों से लंबित पितकी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी 145+226, जेसी-56) के निर्माण कार्य में आखिरकार एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. मंगलवार को रेलवे ट्रैक के ऊपर पुल निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू किया गया, जिससे स्थानीय जनता को आने वाले समय में भीषण जाम से राहत मिलने की उम्मीद जगी है.
अस्थायी सपोर्ट और रोलिंग बीम का कार्य संपन्न
निर्माण प्रक्रिया के तहत ए1 छोर पर अस्थायी सपोर्ट (ट्रेस्टल) स्थापित कर दिया गया है और उस पर रोलिंग बीम लगाया गया है. इसके साथ ही पहले स्पैन के लिए गर्डर लॉन्चिंग की प्रक्रिया प्रारंभ करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. आद्रा रेल मंडल के डीआरयूसीसी सदस्य सह भाजपा जिला मीडिया सह प्रभारी दिवाकर सिंह ने जानकारी दी कि रेलवे द्वारा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लेकर यह कार्य पूरी तरह सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया गया. अब जल्द ही गर्डर को आगे बढ़ाने का काम शुरू होगा.
16 से 18 घंटे बंद रहता है फाटक, जनता बेहाल
ज्ञात हो कि एनएच-32 (वर्तमान में एनएच-18) स्थित पितकी फाटक पर पिछले एक माह से प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है. चांडिल जंक्शन के समीप होने के कारण यहाँ से रोजाना करीब 70 ट्रेनों का आवागमन होता है, जिसकी वजह से फाटक दिन भर में 16 से 18 घंटे तक बंद रहता है. इसके कारण सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग जाती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
अगले तीन माह में निर्माण पूरा होने की संभावना
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण कार्य इसी मौजूदा गति से जारी रहा, तो अगले दो से तीन महीनों के भीतर इस महाजाम की समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है. आरओबी का काम पूरा होने से एनएच-18 पर यातायात सुगम हो जाएगा.
मीडिया की खबरों का हुआ असर
उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से दैनिक अखबार उदित वाणी द्वारा पितकी फाटक पर लगने वाले इस महाजाम और लंबित निर्माण कार्य को लेकर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की जा रही थीं. इन खबरों का संज्ञान लेते हुए रेलवे और एनएचआई (NHAI) ने आपसी समन्वय स्थापित किया और निर्माण कार्य में तेजी लाने की पहल की, जिसका सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगा है.

