
उदित वाणी,जमशेदपुर: ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर बुधवार को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के बिष्टुपुर परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक विशेष पौधारोपण एवं पक्षी संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कुलपति प्रोफेसर इला कुमार के मार्गदर्शन में बीपीएड (B.P.Ed) फैकल्टी ऑफ एजुकेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकृति और तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला.
डिजिटल हुए पौधे: QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
विश्वविद्यालय की इस पहल में सबसे खास रहा पौधों का डिजिटलीकरण. बी.पी.एड प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं ने केवल पौधारोपण ही नहीं किया, बल्कि प्रत्येक पौधे की विस्तृत जानकारी (प्रजाति, लाभ और रोपण तिथि) को QR कोड में रूपांतरित किया. अब कैंपस में आने वाला कोई भी व्यक्ति इन कोड्स को स्कैन कर पौधों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेगा.
बेकार प्लास्टिक से पक्षियों के लिए ‘होम स्टे’
पर्यावरण सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए छात्राओं ने ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ (कबाड़ से जुगाड़) का बेहतरीन उदाहरण पेश किया. प्लास्टिक की बेकार वस्तुओं का पुन: उपयोग (Recycle) कर उन्होंने पक्षियों के लिए सुंदर घोंसले और अनाज-पानी के पात्र बनाए. इन्हें विश्वविद्यालय के विभिन्न पेड़ों पर स्थापित किया गया ताकि गर्मी के इस मौसम में पक्षियों को सुरक्षित आश्रय और भोजन-पानी मिल सके.
फलदार और छायादार वृक्षों का हुआ रोपण
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों और शिक्षकों ने विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार वृक्षों के पौधे लगाए. पौधारोपण करने वालों में मुख्य रूप से शामिल थे:
डॉ. किश्वर आरा (DSW)
डॉ. सुधीर कुमार साहू (प्रॉक्टर)
डॉ. दीपा शरण (डीन ऑफ कॉमर्स)
डॉ. रत्ना मित्रा (IQAC डायरेक्टर)
डॉ. सनातन दीप (चेयरमैन, स्पोर्ट्स एंड कल्चर)
डॉ. कामिनी कुमारी (को-ऑर्डिनेटर, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन)
डॉ. गलोरिया पूर्ति (NSS को-ऑर्डिनेटर)
इस अभियान को सफल बनाने में विभागाध्यक्ष डॉ. सजीत कुमार महतो, सहायक प्राध्यापक गोपाल चक्रवर्ती, डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. सौरभ मंडल और सहायक कर्मचारी राज कुमार कुंकल का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

