
उदित वाणी, चतरा : झारखंड के चतरा जिले में टंडवा-पिपरवार मुख्य मार्ग पर कोयला ढुलाई में लगे एक बेलगाम हाईवा की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव गहरा गया है. हादसे के करीब 30 घंटे बाद भी ग्रामीण शव के साथ धरने पर डटे हुए हैं और मुआवजा व सड़क सुरक्षा को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है.
पुलिस के अनुसार, बुधवार को पिपरवार थाना क्षेत्र के कारो गांव के समीप हुए हादसे में चिरैयाटांड़ टांड़ निवासी उरेश लोहार उर्फ सुरेश लोहरा की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और तब से लगातार धरना जारी है. पोस्टमार्टम के बाद शव को भी धरना स्थल पर रखकर प्रदर्शन किया जा रहा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला ढुलाई में लगे भारी वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए मुआवजा, वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था, मुख्य मार्ग पर नो-एंट्री लागू करने और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग की है.
इस बीच चतरा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि दिलीप कुमार अम्बष्ट धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की. उन्होंने प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया, हालांकि समाचार लिखे जाने तक न तो कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा था और न ही परिवहन से जुड़े जिम्मेदार पक्षों ने पहल की थी.
सड़क जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. शादी-विवाह के मौसम में यातायात बढ़ने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोग वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं होने से स्थिति और तनावपूर्ण बनी हुई है.
(आईएएनएस)

