उदित वाणी, चाईबासा : जिले के गुवा स्थित सेल की रेलवे साइडिंग में मंगलवार सुबह एक बार फिर मालगाड़ी की बोगी बेपटरी हो गई. इस घटना से रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और गुवा सेल से होने वाली लौह अयस्क की ढुलाई कई घंटों तक पूरी तरह ठप रही. मिली जानकारी के अनुसार, गुवा सेल के बंकर साइड पर सुबह करीब 10:45 बजे मालगाड़ी की एक बोगी अचानक पटरी से उतर गई. बेपटरी होते ही रेलवे ट्रैक पूरी तरह जाम हो गया, जिससे रेल लाइन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस मार्ग से लगभग चार घंटे तक किसी भी ट्रेन का परिचालन नहीं हो सका. बोगी के पटरी से उतरने का सीधा असर गुवा सेल से होने वाली लौह अयस्क की माल ढुलाई पर पड़ा. कई रेक वहीं खड़े रह गए, जिससे उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई. कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
स्थानीय लोगों और सेल कर्मियों का कहना है कि गुवा सेल के इसी बंकर साइड पर पहले भी चार बार मालगाड़ी बेपटरी हो चुकी है. बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से रेलवे और सेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. क्षेत्र में रेल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है.
बताया जाता है कि पहले हुई घटनाओं के बाद गुवा सेल प्रबंधन ने ब्रिटिश काल की पुरानी रेल पटरियों को हटाकर नई पटरियां बिछवाई थीं. इसका उद्देश्य भविष्य में बेपटरी की घटनाओं को रोकना था. इसके बावजूद नई पटरियों पर भी मालगाड़ी का पटरी से उतर जाना रेल लाइन की गुणवत्ता, डिजाइन और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे और सेल प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. क्रेन और तकनीकी टीम की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कई घंटों में बेपटरी बोगी को हटाया गया और ट्रैक को दुरुस्त किया गया. इसके बाद रेल परिचालन बहाल किया जा सका.
मालूम हो कि मंगलवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा का गुवा रेलवे साइडिंग निरीक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन ट्रैक बाधित होने के कारण वे गुवा नहीं पहुंच सके. इसके बाद उन्होंने डांगवापोसी, नोवामुंडी और बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग का निरीक्षण किया.


