उदित वाणी, गुआ : सारंडा वन प्रमंडल द्वारा वनों को आग से सुरक्षित रखने और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. वन प्रमंडल पदाधिकारी और संलग्न पदाधिकारियों के निर्देशानुसार, स्थानीय कलाकारों द्वारा गुआ प्रक्षेत्र के विभिन्न गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है.
नुक्कड़ नाटक के जरिए विचाईकिरी और नूईया में जागरूकता
अभियान के तहत सारंडा कला मंच, गुआ साईं के कलाकारों ने विचाईकिरी, हिरजीहाटिंग एवं नूईया गांव में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया. इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को वन अग्नि की रोकथाम, वन्य जीवों की सुरक्षा और जंगल संरक्षण के महत्व को समझाया गया. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों को जंगल बचाने और आग न लगाने की शपथ भी दिलाई गई.
लापरवाही से लगती है वनों में आग: वन क्षेत्र पदाधिकारी
मौके पर वन क्षेत्र पदाधिकारी परमानंद रजक ने अग्नि से बचाव के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अक्सर लोग लापरवाही और नासमझी के कारण वनों में आग लगा देते हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “गर्म, शुष्क और तेज हवा वाले मौसम में आग या चिंगारी से जुड़े किसी भी काम से बचें. ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल न करें और सूखी घास पर ऑफ-रोडिंग या मलबा जलाने जैसे कार्यों से परहेज करें.”
इन अधिकारियों की देखरेख में चला अभियान
यह पूरा कार्यक्रम संलग्न पदाधिकारी राहुल कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ. इस दौरान वन कर्मी छोटेलाल मिश्रा, कमल कृष्ण महतो, समित बनर्जी एवं आनंद किशोर बारला सहित अन्य कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
स्थानीय कलाकारों की अहम भूमिका
स्थानीय कलाकारों की टीम, जिसका नेतृत्व सुशील पूर्ती एवं लंका पूर्ति कर रहे हैं, लगातार विभिन्न गांवों में इस अभियान को संचालित कर रही है. वन विभाग की यह पहल ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और एशिया के सबसे बड़े साल वृक्षों के जंगल ‘सारंडा’ को आग से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.


