उदित वाणी, जमशेदपुर : भविष्य की चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए जेम फाउंडेशन ने शनिवार को इस फाउंडेशन के अंतर्गत आने वाले स्कूलों और कॉलेज के लगभग 270 शिक्षकों, प्रिंसिपलों, वाइस-प्रिंसिपलों और कोऑर्डिनेटरों के लिए जुस्को स्कूल साउथ पार्क में “एआईको समझना” (डिमिस्टिफ़ाइंग एआई) विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया.
इस पहल की परिकल्पना जेम फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी रुचि नरेंद्रन द्वारा की गई थी. उनका स्पष्ट उद्देश्य एक ऐसी कुशल मानव संसाधन का निर्माण करना है जो न केवल डिजिटल बदलावों के प्रति जागरूक हो, बल्कि भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप पूरी तरह तैयार रहे. नरेंद्रन का मानना है कि शिक्षकों का सशक्तिकरण ही छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है.
सेमीनार का नेतृत्व टाटा स्टील के विशेषज्ञों, चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर जयंत बनर्जी और चीफ एआई ऑफिसर सौम्य बोस ने किया. इन विशेषज्ञों ने शिक्षा के पारंपरिक ढांचे में एआई की भूमिका पर गहन प्रकाश डाला. सत्र के दौरान एआई को एक प्रतिद्वंद्वी के बजाय एक सहयोगी उपकरण के रूप में अपनाने पर जोर दिया गया. चर्चा के मुख्य केंद्र बिंदु शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में एआई का समावेश और ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ जैसे आधुनिक कौशल रहे, जो आज के समय में शिक्षकों के लिए अनिवार्य होते जा रहे हैं. विशेषज्ञों ने यह संदेश साझा किया कि एआई में प्रतिस्पर्धा को सहयोग में बदलने की अद्भुत क्षमता है.


