उदित वाणी, जमशेदपुर: घाटशिला के पीडीएस डीलर मृणाल कांति रजक की कथित आत्महत्या के मामले ने पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में पीडीएस डीलरों की समस्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से कमीशन भुगतान लंबित रहने, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे डीलर की मौत के विरोध में विभिन्न संगठनों एवं पीडीएस डीलरों ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मृतक डीलर ने आत्महत्या से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में आर्थिक परेशानियों और बकाया कमीशन का जिक्र किया है, जो यह दर्शाता है कि राज्यभर के पीडीएस डीलर किस कठिन परिस्थिति में काम करने को मजबूर हैं। उनका कहना था कि वर्षों से कमीशन और अन्य मदों का भुगतान लंबित रहने के कारण डीलर आर्थिक संकट, कर्ज और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने सरकार से मांग की कि मृतक मृणाल कांति रजक के आश्रित परिवार को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर प्राथमिकता देते हुए पीडीएस लाइसेंस दिया जाए, ताकि परिवार का भरण-पोषण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लंबित कमीशन भुगतान और डीलरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों पीडीएस डीलरों की पीड़ा और संघर्ष का प्रतीक है.


