उदित वाणी, जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर रेल मंडल अंतर्गत रूपसा यार्ड में प्रस्तावित नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य का असर अब चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों पर भी साफ दिखाई देगा। 12 मई से 16 मई तक चलने वाले इस विशेष तकनीकी और संरचनात्मक कार्य के कारण कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को पहले से सतर्क रहने और यात्रा शुरू करने से पूर्व ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
रूपसा यार्ड में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य से बढ़ी परेशानी
रेल अधिकारियों के अनुसार रूपसा यार्ड में आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और ट्रैक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एनआई कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य रेलवे नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि इस दौरान ट्रेनों की सामान्य आवाजाही प्रभावित होगी और कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलेंगी।
टाटानगर और चक्रधरपुर स्टेशनों पर पड़ेगा असर
जानकारी के मुताबिक आनंद विहार टर्मिनल से पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस 12 मई को लगभग 90 मिनट की देरी से खुलेगी। वहीं भुवनेश्वर से नई दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस 14 और 15 मई को करीब एक घंटे विलंब से रवाना होगी। इसके अलावा नई दिल्ली से भुवनेश्वर के लिए 16 मई को खुलने वाली राजधानी एक्सप्रेस भी अपने प्रारंभिक स्टेशन से लगभग दो घंटे लेट चलेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों के शुरुआती स्टेशन से विलंबित रवाना होने का सीधा असर चक्रधरपुर रेल मंडल के विभिन्न प्रमुख स्टेशनों पर पड़ेगा। टाटानगर स्टेशन सहित चक्रधरपुर, राजखरसावां और आसपास के कई स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। खासकर गर्मी की छुट्टियों और शादी-विवाह के मौसम में यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी बढ़ने की आशंका है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रेन की लाइव लोकेशन और निर्धारित समय की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक एनटीईएस एप और हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करने की सलाह दी गई है। स्टेशन पर भी यात्रियों को समय-समय पर उद्घोषणा के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी परेशानी भविष्य में बेहतर रेल सेवा और सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। एनआई कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और सिग्नलिंग प्रणाली में भी सुधार आएगा। रेलवे ने यात्रियों से सहयोग बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


