
उदित वाणी, जमशेदपुर : पवित्र शुक्रवार के अवसर पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में फादर जेरी डिसूजा ने भावनात्मक और आत्मस्पर्शी प्रवचन दिया. उन्होंने बताया कि यह दिन भले ही दुःख और पीड़ा का प्रतीक लगता हो, लेकिन वास्तव में यही मानवता के लिए आशा और मुक्ति का मार्ग खोलता है.
संघर्ष में ही छिपी है नई शुरुआत
उन्होंने कहा कि कई बार जीवन का सबसे कठिन दिन ही सबसे बड़ा संदेश लेकर आता है. यीशु मसीह के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि क्रूस पर गिरना और फिर उठना हमें धैर्य और साहस की सीख देता है.

विश्वास ही असली ताकत
प्रवचन में उन्होंने जीवन की वास्तविक घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी विश्वास बनाए रखना ही सच्ची आस्था है. उन्होंने कहा कि जीवन में खुशी और कठिनाई दोनों साथ चलते हैं और इन्हीं के बीच संतुलन बनाना जरूरी है.
अंत में उन्होंने तीन मूल मंत्र दिए, जब समझ न आए तो विश्वास रखें, दर्द में भी प्रेम करें और अंधकार में भी आशा बनाए रखें.

