
आदित्यपुर (का.प्र.): आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की महत्वपूर्ण आदित्यपुर वृहद जलापूर्ति योजना विगत 5 वर्षों से अधर में लटकी हुई है. परंतु अब नगर निगम प्रशासन के द्वारा वर्षों से अधर में लटकी इस पाइपलाइन जलापूर्ति योजना को धरातल पर उतारने के लिए कमर कस ली है. इस क्रम में नगर निगम के महापौर संजय सरदार तथा उप महापौर अंकुर सिंह के द्वारा शनिवार को महापौर के कार्यालय कक्ष में मेसर्स जिंदल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संबंधित योजना तथा योजना की प्रगति के संबंध में अद्यतन जानकारी प्राप्त की. बैठक में महापौर और उप महापौर ने कछुआ गति से चल रही इस योजना की प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताया. और बैठक में उपस्थित मेसर्स ‘जिंदल’ के प्रोजेक्ट मैनेजर पियूष सिंह और सिटी मैनेजर अजय कुमार को फटकार भी लगाई गई.
वर्ष_2018 में शुरु हुई योजना वर्ष _2021 में पूर्ण होनी थी
महापौर संजय सरदार ने बताया कि वर्ष_2018 में शुरू हुई आदित्यूर क्षेत्र की इस महत्वकांक्षी योजना को वर्ष_2021 तक पूर्ण किया जाना था. परन्तु 5 साल बीत जाने के बाद भी इस योजना का काम अधूरा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का काम पूर्ण होने में मुख्य अड़चन वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलना है. इस समस्या के समाधान के लिए जल्द हीं डीएफओ (डीएफओ) के साथ बैठक कर सकारात्मक रास्ता निकाला जाएगा.
विद्युत आपूर्ति की समस्या का होगा स्थाई समाधान: अंकुर सिंह
वहीं, उप महापौर अंकुर सिंह ने बताया कि सीतारामपुर डैम फिल्टर प्लांट में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जेबीवीएनएल के साथ मिलकर अंडरग्राउंड केबल बिछाने की योजना तैयार की जाएगी. वर्तमान में खराब मौसम और आंधी-बारिश के कारण बिजली गुल होने की वजह से मोटर बंद हो जाता है, जिसकी वजह से जलापूर्ति ठप हो जाती है. उप महापौर ने बताया कि विकल्प के तौर पर ‘जुस्को’ से भी विद्युत लेने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है, ताकि जलापूर्ति में कोई मानवीय या तकनीकी बाधा न आ पाए.
30 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से शीघ्र पानी मिलने की उम्मीद
जबकि मेसर्स जिंदल के प्रोजेक्ट मैनेजर पियूष सिंह ने आश्वस्त किया कि सीतारामपुर डैम के पास नवनिर्मित 30 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शीघ्र जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी. हालांकि, सापड़ा में प्रस्तावित प्लांट से 2.3 किलो मीटर पाइपलाइन बिछाने का काम वन विभाग के एनओसी के कारण लंबित है. एजेंसी ने दिसंबर_2026 तक सभी बाधाओं को दूर कर आदित्यपुर-1 क्षेत्र में पाइप लाइन के जरिए पूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है तथा इस हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है.

