
उदित वाणी, जमशेदपुर : जिला प्रशासन ने आपराधिक गतिविधियों में लिप्त माने जाने वाले अपराधकर्मी आविद खान को जिले की सीमा से तीन माह के लिए निष्कासित (जिला बदर) करने का आदेश जारी कर दिया है. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी ने झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 के तहत यह कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 दिसंबर 2025 से 9 मार्च 2026 तक जिले में उसके प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया है.
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि किताडीह गढ़ीवान पट्टी निवासी आविद खान एक पेशेवर अपराधकर्मी है, जिस पर अवैध हथियार रखने, लोगों को धमकाने, हत्या व लूट की कई घटनाओं में शामिल होने तथा अवैध ब्राउन शुगर के कारोबार को संचालित करने का आरोप है. आदेश में यह भी उल्लेख है कि वह बच्चों का उपयोग कर उनसे ब्राउन शुगर बिकवाने तक का काम करवाता था, जिससे शहरी क्षेत्र में भय, अविश्वास और असुरक्षा की भावना बढ़ रही थी. उसके आतंक के कारण स्थानीय लोग उसके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने या न्यायालय में गवाही देने से कतराते रहे, जिससे क्षेत्र की शांति व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई.
जिला प्रशासन ने इस संदर्भ में 23 जुलाई 2025 को कारण-पृच्छा नोटिस जारी किया था. नोटिस तामील होने के बावजूद आविद खान 22 अगस्त 2025 को अदालत में पेश नहीं हुआ. उसने न तो अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, न ही कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया. प्रशासन ने उसकी अनुपस्थिति और लगातार बढ़ती अपराध प्रवृत्ति को आदेश जारी करने के प्रमुख आधारों में शामिल किया.
एसएसपी द्वारा परसुडीह थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि आविद खान को जिला बदरी का आदेश 12 घंटे के भीतर तामील कराया जाए और इसकी रिपोर्ट शीघ्र एसएसपी कार्यालय भेजी जाए. साथ ही पुलिस अधीक्षक (नगर), डीएसपी (विधि-व्यवस्था) और जिले के सभी थाना व ओपी प्रभारी को आदेश की प्रति भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
जिला प्रशासन का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी.

