उदित वाणी, जमशेदपुर: राष्ट्रकवि और विश्वविख्यात मनीषी गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को जमशेदपुर के साकची स्थित टैगोर एकेडमी स्कूल (Tagore Academy School) द्वारा भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया. इस गौरवशाली अवसर पर विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने गुरुदेव के आदर्शों को नमन किया.

प्रभात फेरी और सांस्कृतिक चेतना का संदेश
विद्यालय परिसर से शुरू हुई इस प्रभात फेरी में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. छात्र-छात्राएं अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर गुरुदेव के विचार और उनके साहित्यिक योगदान का उल्लेख था. पूरे मार्ग के दौरान देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत नारों ने साकची के माहौल को प्रेरणादायक और भक्तिमय बना दिया.
विद्यार्थियों को आदर्शों से जोड़ने का प्रयास
विद्यालय प्रबंधन ने गुरुदेव के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर केवल एक महान कवि ही नहीं थे, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, शिक्षा और मानवता के वैश्विक प्रतीक थे. प्रबंधन के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को गुरुदेव के शैक्षिक दर्शन और उनके आदर्शों से जोड़ना है ताकि वे समाज में संस्कृति के महत्व को समझ सकें.
शहरवासियों ने दी श्रद्धांजलि
प्रभात फेरी के मार्ग में शहरवासियों ने भी गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की. लोगों ने उनके महान साहित्यिक कार्यों और राष्ट्रगान के रचयिता के रूप में उनके योगदान को याद करते हुए उनके बताए मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.


