
उदित वाणी जमशेदपुर : लौहनगरी के राजकीय हरिजन मध्य विद्यालय, भालूबासा में झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ (पूर्वी सिंहभूम) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के नवनियुक्त सहायक आचार्यों को पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिलने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया.
वेतन न मिलने से शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट
जिले में 250 से अधिक सहायक आचार्यों की नियुक्ति हुए आधा साल बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें पहला वेतन भी नसीब नहीं हुआ है.
• प्रक्रिया में देरी: शिक्षकों ने विभाग के निर्देशानुसार अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र और सत्यापन शुल्क (डिमांड ड्राफ्ट) जमा कर दिए हैं, फिर भी सत्यापन प्रक्रिया में देरी के कारण भुगतान अटका है.
• कर्ज में शिक्षक: वेतन के अभाव में कई शिक्षक अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कर्ज लेने को मजबूर हैं.
विद्यालय विकास कोष खाली, निजी जेब से खर्च कर रहे शिक्षक
वित्तीय वर्ष 2025-26 बीत जाने के बाद भी राज्य के स्कूलों को ‘विद्यालय विकास कोष’ की राशि प्राप्त नहीं हुई है.
• बजट के अभाव में स्टेशनरी, साफ-सफाई और रंग-रोगन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए शिक्षक अपनी जेब से भुगतान कर रहे हैं.
• शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि बिना सरकारी अनुदान के अब स्कूलों का सुचारू संचालन नामुमकिन है.
जनगणना और SIR कार्य से प्रभावित होगी पढ़ाई
बैठक में मई और जून 2026 में होने वाली जनगणना और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य को लेकर चिंता जताई गई.
• संघ का तर्क है कि यदि सभी शिक्षकों को इन कार्यों में लगा दिया गया, तो स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाएगी.
• शिक्षकों ने मांग की है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कार्य करने के बदले उन्हें क्षतिपूर्ति अवकाश (Compensatory Leave) का स्पष्ट प्रावधान दिया जाए.
भीषण गर्मी: स्कूल समय बदलने की मांग
45 डिग्री से अधिक तापमान को देखते हुए संघ ने विद्यालय का समय बदलकर सुबह 6:30 से 11:30 बजे तक करने की मांग की है. इसके अलावा, 2015 बैच के शिक्षकों की वेतन वृद्धि और अनुभवी शिक्षकों को टीईटी (TET) से मुक्त रखने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई.
इन सभी मांगों को लेकर आगामी 18 अप्रैल को गोलमुरी स्थित मिथिला सांस्कृतिक परिषद् में आयोजित होने वाले ‘शिक्षक सम्मान समारोह’ में आगामी रणनीति तय की जाएगी.

