* डिलीवरी भी 22.53 मिलियन टन रही, पहली बार घरेलू बाजार की डिलीवरी 20 मिलियन टन पार की
* चौथी तिमाही में उत्पादन 6.25 मिलियन टन रहा
* जी ब्लास्ट फर्नेस रिलाइनिंग के बावजूद क्रूड स्टील उत्पादन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2026 के प्रोविजनल उत्पादन एवं डिलीवरी आंकड़ों को जारी किया है. कंपनी की भारत इकाई ने इस वित्तीय वर्ष में 23.48 मिलियन टन का रिकॉर्ड क्रूड स्टील उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष से 8 फीसदी ज्यादा है. यह उपलब्धि कालिंगानगर प्लांट के रैंप-अप और जमशेदपुर प्लांट के मजबूत प्रदर्शन का नतीजा है. भले ही जून-जुलाई में जमशेदपुर में ‘जी’ ब्लास्ट फर्नेस की रिलाइनिंग शटडाउन के कारण थोड़ी कमी आई हो.
चौथी तिमाही में उत्पादन और डिलीवरी में बढ़ोतरी
चौथी तिमाही में टाटा स्टील जमशेदपुर की भारत इकाई का उत्पादन 6.25 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही से 15 फीसदी ज्यादा है. डिलीवरी भी 6.19 मिलियन टन पर पहुंच गई, जो साल दर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी है और टाटा स्टील भारत का बेस्ट-एवर क्वार्टरली वॉल्यूम है. पूरे वर्ष की डिलीवरी 22.53 मिलियन टन रही, जिसमें घरेलू डिलीवरी पहली बार 20 मिलियन टन के पार चली गई.
जमशेदपुर में डाउनस्ट्रीम और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स में रिकॉर्ड
1. ऑटोमोटिव एवं स्पेशल प्रोडक्ट्स वर्टिकल ने इस वित्तीय वर्ष में 3.4 मिलियन टन का बेस्ट-एवर सालाना वॉल्यूम हासिल किया. चौथी तिमाही में यह लगभग एक मिलियन टन के करीब रहा.
2. ब्रांडेड प्रोडक्ट्स एवं रिटेल वर्टिकल ने 7.3 मिलियन टन का रिकॉर्ड बनाया. टाटा टिस्कॉन ने 2.4 मिलियन टन का बेस्ट-एवर सालाना वॉल्यूम दर्ज किया, जबकि कोल्ड रोल्ड ब्रांड टाटा स्टीलियम ने साल दर साल 28 फीसदी की शानदार वृद्धि दिखाई.
3. इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स एवं प्रोजेक्ट्स वर्टिकल ने 7.2 मिलियन टन की डिलीवरी की, जिसमें इंजीनियरिंग सेगमेंट ने डिफेंस, शिपबिल्डिंग जैसे हाई-वैल्यू सेक्टर्स में नई उपलब्धियां हासिल कीं.
4. ट्यूब्स, टिनप्लेट, कलर्स और वायर बिजनेस यूनिट्स ने डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की है.
5. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स टाटा स्टील आशियाना और DigECA के जरिए कुल 9,360 करोड़ रुपए का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू हासिल हुआ, जो पिछले साल से 161 फीसदी ज्यादा है. यह जमशेदपुर समेत पूरे पूर्वी भारत के छोटे-मोटे ग्राहकों और रिटेलर्स के लिए बड़ी राहत और सुविधा साबित हुआ है.
कलिंगानगर के रैंप अप से उत्पादन बढ़ा
टाटा स्टील इंडिया के इस प्रदर्शन पर कंपनी ने कहा कि कालिंगानगर के रैंप-अप ने कुल वृद्धि को सपोर्ट किया, जबकि जमशेदपुर प्लांट की ‘जी’ ब्लास्ट फर्नेस रिलाइनिंग के बावजूद उत्पादन और डिलीवरी दोनों में मजबूती बनी रही. कंपनी अब उच्च-मूल्य वाले उत्पादों की तरफ शिफ्ट कर रही है, जिससे जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्र के अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी. टाटा स्टील के एमडी ने पहले ही जताया था कि जमशेदपुर प्लांट कंपनी की रीढ़ है और रिस्पांसिबल स्टीलटीएम सर्टिफिकेशन के साथ यह भारत का सबसे जिम्मेदार स्टील प्लांट बना हुआ है.
टाटा स्टील की यूरोपीय इकाइयों का प्रदर्शन
टाटा स्टील की नीदरलैंड्स और यूके इकाइयों ने इस वित्तीय वर्ष में मिश्रित परिणाम दिए. यूरोप में बाजार की सुस्ती और मौसमी प्रभावों के बावजूद दोनों जगहों पर ऑपरेशंस जारी रहे, साथ ही यूके में ग्रीन स्टीलमेकिंग की दिशा में बड़ा बदलाव हो रहा है.
टाटा स्टील नीदरलैंड्स
वार्षिक उत्पादन (लिक्विड स्टील) 6.69 मिलियन टन (पिछले वर्ष 6.75 मिलियन टन से थोड़ा कम)
वार्षिक डिलीवरी: 6.14 मिलियन टन (पिछले वर्ष 6.25 मिलियन टन से थोड़ा कम)
चौथी तिमाही
उत्पादन: 1.63 मिलियन टन
डिलीवरी: 1.70 मिलियन टन (तिमाही-दर-तिमाही 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी.
नीदरलैंड्स में चौथी तिमाही में डिलीवरी में अच्छी रिकवरी देखने को मिली, जबकि पूरे साल बाजार की नरम मांग के कारण वॉल्यूम थोड़े नीचे रहे. कंपनी यहां स्थिर उत्पादन बनाए रखते हुए यूरोपीय बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है.
टाटा स्टील यूके
वार्षिक डिलीवरी: 2.21 मिलियन टन (पिछले वर्ष 2.51 मिलियन टन से कम)
चौथी तिमाही में डिलीवरी: 0.52 मिलियन टन (स्थिर, पिछले कई तिमाहियों के समान)
टाटा स्टील यूके का ब्लास्ट फर्नेस बंद
टाटा स्टील यूके अब ब्लास्ट फर्नेस बंद होने के बाद डाउनस्ट्रीम प्रोसेसिंग के जरिए ग्राहकों को सप्लाई कर रही है. यानी कच्चा स्टील (स्लैब/हॉट रोल्ड कॉइल) बाहर से खरीदकर आगे की प्रोसेसिंग (गैल्वनाइजिंग, कलर कोटिंग आदि) की जा रही है. Port Talbot में लगभग 3 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता वाला नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस लगाने का काम तेजी से चल रहा है. यह प्रोजेक्ट यूके को लो-कार्बन स्टीलमेकिंग की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है और स्थानीय रोजगार को भी सपोर्ट करेगा. भारत इकाई (जमशेदपुर-कालिंगानगर) के रिकॉर्ड प्रदर्शन के मुकाबले यूरोपीय ऑपरेशंस में बाजार की चुनौतियों के कारण वॉल्यूम थोड़े दबाव में रहे, लेकिन नीदरलैंड्स में चौथी तिमाही में रिकवरी अच्छी रही और यूके में भविष्य के लिए बड़ा ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन चल रहा है.


