
यूनियन का नेतृत्व वहीं करेगा, जो उनका हितैषी होगा
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के ट्रेड यूनियन जानकार प्रवीण सिंह ने केन्द्र सरकार द्वारा चार लेबर कोड लागू करने के फैसले को ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा कि इन कानूनों के अस्तित्व में आने के बाद अब यूनियन नेतृत्व में जबर्दस्त बदलाव आएगा. अब यूनियन में थोपे गये या यस मैन सरीखे लोग नहीं चलेंगे. इस कानून के आने के बाद अब मजदूरों के बीच का ही जानकार आदमी उनका नेतृत्व करेगा. रिटायरमेंट के बाद भी कुर्सी से चिपके रहने वाले लोगों को अब बाहर का रास्ता देखना होगा. जो मजदूरों का हितैषी होगा, वहीं उनका नेतृत्व करेगा.
मजदूरों के साथ मालिकों के पक्ष में भी
इस फैसले का लाभ मजदूरों के साथ ही मालिकों को भी होगा. प्रवीण सिंह ने कहा कि 90 साल पुराने कानून को बदलना जरूरी हो गया था. बदलते दौर के साथ श्रम कानूनों में बदलाव जरूरी है. पुराने कानून में बहुत कुछ हिडेन था, जो अब नहीं रहा. नये कानून में सामाजिक सुरक्षा के साथ ही विवाद के निबटारे को टाइम बांउड कर दिया गया है. पहले सिविल कोट में पेंडिंग केसेस सालों चलते थे और इसका मजदूरों पर खराब असर होता था.
प्रबंधन अपने कर्मियों को नौकरी से नहीं निकाल पाएंगे
कर्मचारियों को नौकरी से निकालना अब आासन नहीं रह जाएगा. ऐसे मामले का निबटारा त्वरित होगा. अब लेबर कोर्ट को खत्म कर दिया गया है और उसकी जगह ट्रिब्यूनल को लाया गा है. विवाद का निबटारा ट्रिब्यूनल में होगा. इसमें अब ज्यूडिशियरी को भी शामिल कर लिया गया है. साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी होंगे.
एक साल के बाद ही ग्रेच्यूटी देना होगा
प्रवीण सिंह ने बताया कि अब कंपनियों को एक साल काम करने के बाद ही अपने कर्मचारियों को ग्रेच्यूटी देना होगा. पहले यह समय पांच साल था. यही नहीं कर्मचारियों को समय पर वेतन के साथ ही ओवरटाइम के पैसे भी हर हाल में देना होगा.

